रायपुर और बिलासपुर में शहर के खंभों पर बिछाए गए केबल से सुरक्षा खतरे बढ़े। सौ रुपए किराये के लिए लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
खंभों पर केबल बिछाने से बढ़ा खतरा
छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर में शहर के मुख्य सड़कों और गलियों में खंभों पर केबल का जाल बिछाया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई केबल बिना उचित सुरक्षा उपायों के खंभों पर टंगे हैं, जिससे पैदल चलने वाले और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है।
सौ रुपए किराये के लिए सुरक्षा से खिलवाड़
सूत्रों के अनुसार कई केबल स्थानीय एजेंसियों द्वारा सौ रुपए प्रतिमाह किराये के लिए खंभों पर लगाई जा रही हैं।
इस प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है और किसी भी समय दुर्घटना होने की संभावना रहती है। नागरिकों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
पैदल यात्रियों और वाहन चालकों की परेशानी
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि खंभों पर बिछाए गए केबल सड़क और फुटपाथ पर बाधा बन गए हैं।
रात के समय यह खंभे और केबल और भी खतरनाक प्रतीत होते हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी अधिक जोखिमपूर्ण बन रही है।
प्रशासन की भूमिका और जवाबदेही
नगर निगम और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार चेतावनी देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।
नागरिकों ने कहा कि यदि जल्द ही उचित सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो सड़क हादसों की संख्या बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ही केबल लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
नागरिकों ने मांगी कार्रवाई
रायपुर और बिलासपुर के नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि खंभों पर बिछाए गए केबलों की तुरंत जांच की जाए।
साथ ही उचित सुरक्षा उपाय अपनाकर ही केबल बिछाए जाएं, ताकि पैदल यात्री और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
नागरिकों का यह भी कहना है कि केवल सौ रुपए किराये के लिए जान की जोखिम लेना उचित नहीं है।
भविष्य में रोकथाम के उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरों में इस तरह की अव्यवस्थित केबल बिछाने की समस्या को रोकने के लिए नियामक प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।
साथ ही तकनीकी रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से ही बिजली और टेली-कॉम केबल बिछाई जानी चाहिए, ताकि शहर में हादसों से बचा जा सके।

