रायगढ़। भाजपा ने अनुशासनहीनता के चलते दो नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया।
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों के चलते रायगढ़ जिले के दो नेताओं श्याम भोजवानी और अनिल लकड़ा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर की गई है।
क्या है मामला?
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा नगर पंचायत उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मतदान करने का आरोप श्याम भोजवानी और अनिल लकड़ा पर लगाया गया था। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता माना और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें निष्कासित करने का आदेश जारी किया।
पार्टी ने बताई अनुशासनहीनता की वजह
भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी जगदीश राम रोहरा द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होना और अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मतदान करना अनुशासन तोड़ने की श्रेणी में आता है। इसके चलते प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने दोनों नेताओं को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित करने का निर्णय लिया।

तत्काल प्रभाव से लागू हुआ निष्कासन आदेश
भाजपा के प्रदेश कार्यालय से जारी पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि यह निष्कासन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस आदेश की प्रतिलिपि भी भेजी गई है, जिनमें राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश जी, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, और प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय शामिल हैं।
भाजपा की अनुशासन नीति
भारतीय जनता पार्टी हमेशा से अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती आई है। पार्टी की नीतियों के अनुसार, किसी भी नेता या कार्यकर्ता द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाती है। इसी नीति के तहत यह कदम उठाया गया है ताकि भविष्य में अन्य कार्यकर्ताओं के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके।
भाजपा के भीतर उठ रहे सवाल
इस निष्कासन के बाद पार्टी के भीतर भी कई चर्चाएं हो रही हैं। कुछ कार्यकर्ताओं का मानना है कि पार्टी के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए, जबकि कुछ का कहना है कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए थी। हालांकि, प्रदेश नेतृत्व का कहना है कि निष्कासन का फैसला पूरी जांच और प्रमाणों के आधार पर लिया गया है।
आगे की संभावनाएं
निष्कासन के बाद अब यह देखना होगा कि श्याम भोजवानी और अनिल लकड़ा आगे की राजनीति में क्या रुख अपनाते हैं। क्या वे पार्टी में वापसी के लिए प्रयास करेंगे, या किसी अन्य राजनीतिक दल का दामन थामेंगे, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
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