महासमुंद पुलिस ने रिश्तों की आड़ में हुई दो बड़ी चोरी-डकैती का खुलासा कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया, 93 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त।
महासमुंद | महासमुंद पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बड़ी चोरी और डकैती की सनसनीखेज वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में रिश्तों की आड़ में अपराध को अंजाम देने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य सरगना समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई में पुलिस ने 93 लाख 33 हजार 104 रुपये की संपत्ति जब्त की है, जिसमें सोना-चांदी के आभूषण, वाहन और मोबाइल फोन शामिल हैं।
यह मामला थाना सांकरा (महासमुंद) और थाना छुरा (गरियाबंद) क्षेत्र में हुई चोरी और डकैती की दो बड़ी घटनाओं से जुड़ा हुआ है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से लंबे समय से सक्रिय था और पारिवारिक रिश्तों का फायदा उठाकर वारदातों को अंजाम दे रहा था।
अपने ही रिश्तेदारों को बनाया शिकार
जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड हेमंत अग्रवाल उर्फ कान्हा है, जिसने लालच में आकर अपने ही सगे रिश्तेदारों के घरों को निशाना बनाया।
- थाना सांकरा के ग्राम बल्दीडीह में उसने अपने सगे चाचा के घर बड़ी चोरी करवाई।
- थाना छुरा के ग्राम चरौदा में मई 2025 में अपनी सगी बहन के ससुराल में डकैती की वारदात को अंजाम दिलाया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि अपराधियों ने भरोसे और पारिवारिक रिश्तों को तोड़ते हुए वारदातों को अंजाम दिया।
योजनाबद्ध तरीके से दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले संबंधित घरों की रेकी करते, परिवार के बाहर जाने या घर खाली होने की पूरी जानकारी जुटाते और फिर अंतरराज्यीय चोरों को बुलाकर वारदात को अंजाम देते थे। चोरी के बाद लूटे गए आभूषणों और नकदी का आपस में बंटवारा किया जाता और आभूषणों को अलग-अलग शहरों में खपाया जाता था।
गिरोह में महासमुंद, बलौदाबाजार, कबीरधाम और महाराष्ट्र के कुछ आरोपी भी शामिल थे, जिससे यह नेटवर्क अंतरजिला और अंतरराज्यीय स्तर तक फैला हुआ था।
ऐसे हुआ पूरे गिरोह का पर्दाफाश
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में इस मामले की जांच के लिए 6 अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया गया। टीमों ने —
- सीसीटीवी फुटेज
- तकनीकी साक्ष्य
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड
- मुखबिरों की सूचना
के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार निगरानी और पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने दोनों बड़ी घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली, जिसके बाद पुलिस ने उनके ठिकानों से बड़ी मात्रा में चोरी का माल बरामद किया।
भारी मात्रा में सोना-चांदी और वाहन जब्त
पुलिस द्वारा की गई जप्ती इस मामले को और भी गंभीर बनाती है। बरामद सामान में शामिल हैं —
- 471.24 ग्राम सोने के आभूषण – अनुमानित कीमत 68.81 लाख रुपये
- 1 किलो 429.53 ग्राम चांदी के आभूषण – कीमत लगभग 4.03 लाख रुपये
- एक टाटा नेक्सन कार
- एक मारुति स्विफ्ट कार
- एक यामाहा मोटरसाइकिल
- टच स्क्रीन मोबाइल फोन
👉 कुल जप्ती की कीमत: 93 लाख 33 हजार 104 रुपये
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं —
- शुभम साहू (21) – झलप, महासमुंद
- हेमंत अग्रवाल उर्फ कान्हा (25) – अनसुला, महासमुंद (मुख्य सरगना)
- रौनक उर्फ भूपेन्द्र सलूजा (25) – पिथौरा, महासमुंद
- योगेश कुमार साहू (35) – सिमगा, बलौदाबाजार
- दीपक चंद्रवंशी (24) – कवर्धा, कबीरधाम
दो आरोपी अभी भी फरार
इस गिरोह के दो सदस्य अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं —
- प्रफुल्ल चंद्रवंशी – निवासी कवर्धा
- मुकुंद उर्फ टाईगर – निवासी गोंदिया, महाराष्ट्र
पुलिस ने दोनों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।
ज्वेलर्स पर भी कसेगा शिकंजा
चोरी के आभूषण खपाने के मामले में पिथौरा के कुछ ज्वेलर्स भी पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस का कहना है कि इन व्यापारियों के खिलाफ भी विधिवत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा (IPS) के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक महासमुंद प्रभात कुमार (IPS) तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी पिथौरा के मार्गदर्शन में की गई।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह कार्रवाई संगठित अपराधियों के खिलाफ जिले में अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है और इससे आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
जिले में अपराधियों को सख्त संदेश
महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में संगठित चोरी और डकैती गिरोहों के खिलाफ बड़ा प्रहार माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगे भी ऐसे अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

