छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने 52 करोड़ बकाया वसूली के लिए 31 मार्च तक भुगतान पर ब्याज और पेनाल्टी में 50% तक छूट देने का फैसला किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने आवासधारकों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। बोर्ड की विभिन्न आवासीय कॉलोनियों में मेंटेनेंस शुल्क, जल शुल्क और ब्याज के रूप में करीब 52 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस लंबित राशि की वसूली के लिए हाउसिंग बोर्ड ने एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू की है, जिसके तहत 31 मार्च 2026 से पहले भुगतान करने पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।
यह निर्णय उन हजारों आवासधारकों के लिए राहत भरा है, जो लंबे समय से बढ़ते ब्याज और जुर्माने के कारण भुगतान नहीं कर पा रहे थे।
किन मदों में है बकाया राशि
हाउसिंग बोर्ड के अनुसार बकाया राशि मुख्य रूप से—
- कॉलोनी मेंटेनेंस शुल्क
- जल शुल्क
- विलंब भुगतान पर लगाया गया ब्याज
- कुछ मामलों में पेनाल्टी
इन सभी मदों को मिलाकर करीब 52 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न परियोजनाओं में अटकी हुई है।
50% तक की छूट का लाभ कैसे मिलेगा
हाउसिंग बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार—
- मूल राशि पर छूट नहीं दी जाएगी
- ब्याज और पेनाल्टी पर 25% से 50% तक की छूट मिलेगी
- एकमुश्त भुगतान करने पर अधिकतम छूट का लाभ
- 31 मार्च 2026 अंतिम तिथि
बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
हाउसिंग बोर्ड का उद्देश्य
हाउसिंग बोर्ड का कहना है कि—
“लंबे समय से बकाया राशि के कारण कई योजनाओं का रखरखाव प्रभावित हो रहा है। इस निर्णय से एक ओर आवासधारकों को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर बोर्ड की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।”
बोर्ड का लक्ष्य है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले अधिकतम बकाया राशि की वसूली की जाए।
आवासधारकों में खुशी
इस फैसले के बाद रायपुर सहित प्रदेश के अन्य शहरों में रहने वाले हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों के लोगों ने राहत की सांस ली है। कई आवासधारकों का कहना है कि—
“ब्याज की राशि इतनी बढ़ गई थी कि भुगतान मुश्किल हो रहा था। अब छूट मिलने से बकाया चुकाना संभव होगा।”
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध
हाउसिंग बोर्ड ने भुगतान के लिए—
- ऑनलाइन पोर्टल
- संबंधित डिवीजन कार्यालय
- बैंक के माध्यम से भुगतान
की सुविधा उपलब्ध कराई है। आवासधारकों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द भुगतान कर छूट का लाभ उठाएं।
समय पर भुगतान न करने पर सख्ती
हाउसिंग बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि—
- 31 मार्च के बाद कोई छूट नहीं मिलेगी
- बकायादारों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है
- सुविधाएं सीमित की जा सकती हैं
इसलिए समय रहते बकाया चुकाना सभी के हित में होगा।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड का यह फैसला न केवल बकायादारों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि बोर्ड के लिए भी आर्थिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम है। यदि आवासधारक तय समय सीमा के भीतर भुगतान करते हैं, तो उन्हें बड़ी छूट के साथ स्थायी समाधान मिलेगा।

