तेलीबांधा तालाब मॉडल पर छत्तीसगढ़ के सभी नगर निगमों में एक-एक तालाब को स्मार्ट और सुंदर बनाने की योजना, पर्यावरण व पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के शहरी इलाकों को और अधिक सुंदर, पर्यावरण अनुकूल और नागरिक सुविधाओं से युक्त बनाने की दिशा में एक नई पहल करने जा रही है। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब के सौंदर्यीकरण मॉडल को आधार बनाकर अब प्रदेश के सभी नगर निगम क्षेत्रों में एक-एक तालाब को “स्मार्ट तालाब” के रूप में विकसित किया जाएगा।
नगर प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना की रूपरेखा तैयार की जा रही है। योजना के तहत तालाबों का न केवल सौंदर्यीकरण किया जाएगा, बल्कि उन्हें पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा।
🌿 तेलीबांधा तालाब बना मॉडल
रायपुर का तेलीबांधा तालाब बीते कुछ वर्षों में शहरी सौंदर्यीकरण का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है। यहाँ—
- वॉकिंग ट्रैक
- साइकिल ट्रैक
- फाउंटेन और लाइटिंग
- हरित क्षेत्र
- बैठने की आधुनिक व्यवस्था
जैसी सुविधाओं ने इसे नागरिकों के साथ-साथ पर्यटकों का भी पसंदीदा स्थल बना दिया है। सरकार अब इसी मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करना चाहती है।
🏙️ हर निगम में एक “स्मार्ट तालाब”
प्रस्तावित योजना के अनुसार—
- प्रदेश के सभी नगर निगम क्षेत्रों में एक प्रमुख तालाब का चयन किया जाएगा
- चयनित तालाबों का पूरी तरह से कायाकल्प होगा
- जल संरक्षण, सौंदर्यीकरण और नागरिक उपयोग—तीनों पर फोकस रहेगा
इसके लिए स्थानीय निकायों को विशेष बजट और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
🛠️ क्या-क्या सुविधाएं होंगी शामिल?
स्मार्ट तालाब परियोजना के तहत तालाबों में—
- वॉकिंग और जॉगिंग ट्रैक
- सोलर लाइटिंग
- बोटिंग (जहां संभव हो)
- फाउंटेन और लाइट एंड साउंड सिस्टम
- बच्चों के लिए प्ले एरिया
- जल शुद्धिकरण और संरक्षण व्यवस्था
जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
🌍 पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
सरकार का कहना है कि यह योजना केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं होगी। तालाबों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग, भूजल रिचार्ज और जैव विविधता संरक्षण के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। इससे शहरी क्षेत्रों में जल संकट और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
🗣️ सरकार का पक्ष
नगर प्रशासन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, तालाब शहरी जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। यदि उनका सही तरीके से संरक्षण और उपयोग किया जाए तो वे—
- शहरी तापमान कम करते हैं
- भूजल स्तर सुधारते हैं
- नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली के अवसर देते हैं
सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर शहर में कम से कम एक ऐसा सार्वजनिक स्थल विकसित करना है, जो लोगों को प्रकृति से जोड़ सके।
📈 पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
स्मार्ट तालाब विकसित होने से—
- स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
- छोटे व्यवसायों और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे
- शहरों की पहचान और ब्रांडिंग मजबूत होगी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना शहरी विकास के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी।

