रायपुर में IMO और वॉट्सएप से बांग्लादेश कॉल का खुलासा, घुसपैठ के शक में 150 लोग पुलिस रडार पर, जांच और सत्यापन तेज।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अवैध घुसपैठ और संदिग्ध विदेशी संपर्कों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस जांच में IMO और वॉट्सएप जैसे इंटरनेट कॉलिंग ऐप्स के जरिए बांग्लादेश में संपर्क किए जाने का खुलासा हुआ है। इस मामले में रायपुर जिले के करीब 150 लोग पुलिस के रडार पर आ गए हैं, जिनकी गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई हाल ही में शुरू किए गए विशेष सत्यापन और निगरानी अभियान के तहत सामने आई है, जिसका उद्देश्य अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, खासकर बांग्लादेशी घुसपैठियों के नेटवर्क को चिन्हित करना है।
इंटरनेट कॉलिंग ऐप्स बने संपर्क का जरिया
जांच एजेंसियों के अनुसार, संदिग्ध लोग सीधे मोबाइल कॉल के बजाय IMO, वॉट्सएप और अन्य इंटरनेट आधारित ऐप्स का इस्तेमाल कर बांग्लादेश में मौजूद नंबरों से संपर्क कर रहे थे।
डिजिटल ट्रेसिंग और तकनीकी सर्विलांस के दौरान इन कॉल्स की जानकारी सामने आई, जिसके बाद संबंधित नंबरों और उपयोगकर्ताओं को चिन्हित किया गया।
150 संदिग्धों की प्रोफाइलिंग शुरू
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिन 150 लोगों को रडार पर रखा गया है, उनमें—
- बाहरी राज्यों से आए मजदूर
- किराए के मकानों में रह रहे लोग
- अस्थायी रूप से काम करने वाले व्यक्ति
शामिल हैं। इन सभी की डिजिटल प्रोफाइलिंग, कॉल डिटेल एनालिसिस और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है।
अवैध घुसपैठ की आशंका
पुलिस को आशंका है कि इनमें से कुछ लोग—
- अवैध रूप से भारत में रह रहे हो सकते हैं
- बांग्लादेश में अपने नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं
- फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहे हों
हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
विशेष टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित की है। इसमें साइबर सेल, लोकल इंटेलिजेंस और फील्ड पुलिस को शामिल किया गया है।
टीम संदिग्धों के—
- कॉल रिकॉर्ड
- सोशल मीडिया गतिविधि
- वित्तीय लेनदेन
- रहन-सहन के पैटर्न
की बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा—
“डिजिटल माध्यमों से विदेशी संपर्क की जानकारी मिली है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जो भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है, यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखकर की जा रही है।
मकान मालिकों और ठेकेदारों पर भी नजर
पुलिस ने उन मकान मालिकों और ठेकेदारों को भी चेतावनी दी है, जो बिना सत्यापन के किराएदार या मजदूर रखते हैं। ऐसे मामलों में—
- वैरिफिकेशन न कराने पर कार्रवाई
- जुर्माना या कानूनी प्रक्रिया
की जा सकती है।
आम जनता से सहयोग की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि—
- किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना दें
- किराएदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य कराएं
- फर्जी दस्तावेजों को लेकर सतर्क रहें
निष्कर्ष
IMO और वॉट्सएप के जरिए बांग्लादेश संपर्क का खुलासा रायपुर पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। 150 लोगों को रडार पर लेकर की जा रही यह जांच राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

