रायपुर में होली से पहले खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 लाख की मिलावटी मिठाई जब्त की और 87 खाद्य सैंपल जांच के लिए भेजे।
रायपुर। होली पर्व से पहले आम लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य विभाग ने राजधानी रायपुर में बड़ी कार्रवाई की है। त्योहार के मद्देनज़र चलाए गए विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर करीब 23 लाख रुपये की संदिग्ध और मिलावटी मिठाइयां जब्त की हैं। इसके साथ ही कुल 87 खाद्य सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार होली के दौरान मिठाइयों, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए विभाग द्वारा विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि मिलावटखोरों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके और लोगों के स्वास्थ्य से किसी तरह का खिलवाड़ न हो।
शहर के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी
खाद्य सुरक्षा टीमों ने रायपुर के प्रमुख बाजारों, मिठाई दुकानों, होलसेल गोदामों और निर्माण स्थलों पर एक साथ निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई दुकानों में मिठाइयों को खुले में रखा पाया गया, वहीं कुछ स्थानों पर एक्सपायरी सामग्री, रंगीन केमिकल और संदिग्ध कच्चे माल का उपयोग किए जाने के संकेत भी मिले।
अधिकारियों ने बताया कि कई मिठाइयों की बनावट, रंग और गंध सामान्य से अलग पाई गई, जिससे मिलावट की आशंका और मजबूत हो गई। मौके पर ही बड़ी मात्रा में मिठाइयां सील कर जब्त की गईं।
23 लाख रुपये की मिठाई जब्त
खाद्य विभाग के मुताबिक जब्त की गई मिठाइयों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 23 लाख रुपये है। इन मिठाइयों में खोवा से बनी मिठाई, लड्डू, बर्फी, पेड़ा और अन्य लोकप्रिय उत्पाद शामिल हैं, जिनकी बिक्री होली के मौके पर बड़े पैमाने पर होती है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब्त मिठाइयों को फिलहाल नष्ट नहीं किया जाएगा, बल्कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।
87 सैंपल जांच के लिए भेजे गए
छापेमारी के दौरान अलग-अलग दुकानों और निर्माण इकाइयों से कुल 87 खाद्य सैंपल एकत्र किए गए हैं। इनमें मिठाई, खोवा, पनीर, खाद्य रंग, घी और अन्य सामग्री के नमूने शामिल हैं।
इन सभी सैंपलों को राज्य की मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद जिन प्रतिष्ठानों के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मिलावट से स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि मिलावटी मिठाइयों में सिंथेटिक रंग, नकली खोवा, घटिया वसा और केमिकल का उपयोग किया जाता है, जिससे पेट से जुड़ी बीमारियां, फूड पॉइजनिंग और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर और ज्यादा गंभीर हो सकता है।
इसी कारण विभाग ने त्योहार से पहले सख्ती बढ़ाते हुए निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है।
दुकानदारों को दी गई सख्त चेतावनी
जांच के दौरान कई दुकानदारों को साफ-सफाई, ढककर खाद्य सामग्री रखने और लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन नहीं करते हुए पाया गया। ऐसे दुकानदारों को मौके पर ही सुधार नोटिस जारी किए गए हैं।
खाद्य विभाग ने साफ किया है कि चेतावनी के बावजूद यदि भविष्य में मिलावट या लापरवाही पाई जाती है, तो सीधे जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाएगी।
आम लोगों से भी की गई अपील
खाद्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मिठाई या खाद्य सामग्री खरीदते समय—
- साफ-सुथरे और पंजीकृत दुकानों से ही खरीदारी करें
- खुले में रखी मिठाइयों से बचें
- अत्यधिक चमकीले रंग वाली मिठाइयों पर विशेष ध्यान दें
- बिल अवश्य लें
यदि कहीं मिलावट या गड़बड़ी की आशंका हो, तो तत्काल विभाग को सूचना दें।
लगातार चलेगा अभियान
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि होली तक लगातार निरीक्षण और छापेमारी की जाएगी। टीमों को विशेष रूप से त्योहार से जुड़े खाद्य उत्पादों पर फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह अभियान राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे व्यापक कार्यक्रम के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसकी निगरानी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ द्वारा की जा रही है।
राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के तहत कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई Food Safety and Standards Authority of India के दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है, ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
त्योहार से पहले राहत की खबर
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। लोगों का कहना है कि त्योहार के समय मिलावटखोरी बढ़ जाती है और ऐसे में विभाग की सख्ती बेहद जरूरी है।
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

