भुवनेश्वर मॉडल की जगह भोपाल मॉडल चुना, अधिकारों में बड़ा अंतर
📑 इस लेख मेंछत्तीसगढ़ में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम का नया खाका तैयार। भुवनेश्वर मॉडल की जगह सीमित अधिकारों वाला भोपाल मॉडल चुने जाने पर उठे सवाल।कमेटी ने क्यों…
छत्तीसगढ़ में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम का नया खाका तैयार। भुवनेश्वर मॉडल की जगह सीमित अधिकारों वाला भोपाल मॉडल चुने जाने पर उठे सवाल।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पुलिस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गृह विभाग ने पुलिस कमिश्नरी सिस्टम का नया खाका तैयार कर लिया है। हालांकि इस खाके को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। कारण यह है कि जिस कमेटी का गठन कमिश्नरी सिस्टम के अध्ययन के लिए किया गया था, उसने ओडिशा के भुवनेश्वर कमिश्नरी मॉडल को अपनाने की सिफारिश की थी, जहां पुलिस कमिश्नर को 22 अहम अधिकार प्राप्त हैं। इसके बावजूद गृह विभाग ने मध्यप्रदेश के भोपाल कमिश्नरी मॉडल को चुना है, जहां पुलिस कमिश्नर के पास केवल 10 प्रमुख शक्तियां होती हैं।
इस फैसले से यह सवाल उठने लगे हैं कि जब ज्यादा प्रभावी और सशक्त मॉडल उपलब्ध था, तो सीमित अधिकारों वाला मॉडल क्यों अपनाया गया।
कमेटी ने क्यों की थी भुवनेश्वर मॉडल की सिफारिश?
गृह विभाग द्वारा गठित अध्ययन समिति ने देश के कई राज्यों में लागू कमिश्नरी सिस्टम का अध्ययन किया था। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि—
- भुवनेश्वर कमिश्नरी में पुलिस कमिश्नर को कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक निर्णय और त्वरित कार्रवाई के व्यापक अधिकार हैं
- मजिस्ट्रेट स्तर के कई अधिकार पुलिस कमिश्नर को दिए गए हैं
- अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपात स्थितियों में तेज निर्णय क्षमता विकसित होती है
कमेटी का मानना था कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण वाले रायपुर जैसे शहरों के लिए यह मॉडल ज्यादा कारगर होगा।
फिर भोपाल मॉडल क्यों चुना गया?
सूत्रों के मुताबिक गृह विभाग ने प्रशासनिक संतुलन और मौजूदा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भोपाल मॉडल को अपनाने का निर्णय लिया। भोपाल कमिश्नरी सिस्टम में—
- पुलिस कमिश्नर के अधिकार सीमित हैं
- कई मामलों में जिला प्रशासन और मजिस्ट्रेट की भूमिका बनी रहती है
- कानून-व्यवस्था से जुड़े निर्णयों में संयुक्त समन्वय पर जोर दिया जाता है
गृह विभाग का तर्क है कि सीमित अधिकारों वाला मॉडल लागू करने से प्रशासनिक टकराव की स्थिति कम होगी और चरणबद्ध तरीके से सुधार किए जा सकेंगे।
अधिकारों का अंतर: भुवनेश्वर बनाम भोपाल
| बिंदु | भुवनेश्वर मॉडल | भोपाल मॉडल |
|---|---|---|
| कुल अधिकार | 22 | 10 |
| मजिस्ट्रेट पॉवर | अधिक | सीमित |
| त्वरित निर्णय | ज्यादा | अपेक्षाकृत कम |
| प्रशासनिक स्वतंत्रता | उच्च | मध्यम |
इसी अंतर को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या रायपुर जैसे राजधानी शहर को पूरी तरह सशक्त पुलिस व्यवस्था की जरूरत नहीं है?
रायपुर में लागू होगा कमिश्नरी सिस्टम
सरकार की योजना के अनुसार पहले चरण में रायपुर शहर में कमिश्नरी सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके बाद अनुभव के आधार पर अन्य बड़े शहरों में विस्तार पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि भविष्य में अधिकारों की संख्या बढ़ाई जाएगी या नहीं।
विपक्ष ने उठाए सवाल
इस फैसले को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि—
- सरकार ने खुद की कमेटी की सिफारिशों को नजरअंदाज किया
- कम शक्तियों वाला सिस्टम लागू कर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है
- इससे अपराध नियंत्रण में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाएगा
वहीं सरकार समर्थकों का कहना है कि किसी भी बड़े बदलाव को धीरे-धीरे लागू करना बेहतर होता है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों की राय
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि कमिश्नरी सिस्टम तभी प्रभावी होगा जब पुलिस कमिश्नर को पर्याप्त अधिकार और स्वतंत्रता मिले। अगर अधिकार सीमित रहे, तो सिस्टम नाम का रह जाएगा और अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को लेकर गृह विभाग का नया खाका प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम जरूर है, लेकिन भुवनेश्वर जैसे सशक्त मॉडल को छोड़कर भोपाल मॉडल चुनना कई सवाल खड़े करता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार अनुभव के आधार पर अधिकारों में बढ़ोतरी करती है या नहीं।
cg news, raipur news, Virat News, छत्तीसगढ़, भुवनेश्वर, मॉडल, की, जगह, भोपाल, चुना, — संक्षेप और और पढ़ें
cg news, raipur news, Virat News, छत्तीसगढ़, भुवनेश्वर, मॉडल, की, जगह, भोपाल, चुना, के बारे में और जानकारी के लिए नीचे दी गई संबंधित खबरें पढ़ें। विरात महानगर पर cg news, raipur news, Virat News, छत्तीसगढ़, भुवनेश्वर, मॉडल, की, जगह, भोपाल, चुना, से जुड़ी अद्यतन रिपोर्टिंग पढ़ें।
संबंधित खबरें:
- शादियों का सीजन शुरू, सिलेंडर के लिए फूड विभाग को दूसरा निमंत्रण
- महतारी वंदन योजना में अव्यवस्था, धूप में परेशान महिलाएं
- एलपीजी की जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, बुकिंग में आई भारी गिरावट
स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल
आपकी राय जरूरी है
इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया WhatsApp / Telegram पर भेजें — हम पढ़ते हैं, जवाब देते हैं, और बेहतर खबरें लाते हैं।
अन्य श्रेणियों से ताज़ा

मध्य प्रदेश में शहीद परिवारों को बड़ा सम्मान, हर कोर्स में पत्नी और बच्चों के लिए सीट आरक्षित

मोहन कैबिनेट में बड़े फेरबदल की अटकलें, रिपोर्ट कार्ड के आधार पर कई मंत्रियों की छुट्टी तय?

17 मई 2026 राशिफल: इन राशियों पर बरसेगा धन लाभ, करियर में मिल सकती है बड़ी सफलता
