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एग्जाम सीजन में शोर मचाने वाले DJ पर एक्शन: 50 डेसिबल से ज्यादा शोर खतरनाक, गूंज 110 डेसिबल तक, बिलासपुर–बलरामपुर में हो चुकी हैं मौतें

📑 इस लेख मेंएग्जाम सीजन में तेज डीजे पर कार्रवाई, 50 डेसिबल से अधिक शोर खतरनाक, 110 डेसिबल तक गूंज, बिलासपुर और बलरामपुर में मौतों के बाद सख्ती।परीक्षा…

📅 17 February 2026, 11:37 am अपडेट: 16 May 2026
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एग्जाम सीजन में तेज डीजे पर कार्रवाई, 50 डेसिबल से अधिक शोर खतरनाक, 110 डेसिबल तक गूंज, बिलासपुर और बलरामपुर में मौतों के बाद सख्ती।

रायपुर | एग्जाम सीजन के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई और आम नागरिकों की सेहत को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तेज आवाज में डीजे बजाने वालों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार 50 डेसिबल से अधिक ध्वनि मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है, जबकि कई आयोजनों में डीजे की गूंज 100 से 110 डेसिबल तक दर्ज की जा रही है, जो गंभीर खतरे का संकेत है।

राज्य में लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद अब पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित मानकों से अधिक शोर करने वाले डीजे संचालकों पर जुर्माना, मशीन जब्ती और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


परीक्षा के समय छात्रों पर पड़ रहा सीधा असर

इन दिनों बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हजारों छात्र मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं। तेज आवाज में डीजे और साउंड सिस्टम के कारण न केवल उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है, बल्कि नींद, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

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वास्तु शास्त्र के प्रामाणिक उपाय

अभिभावकों का कहना है कि देर रात तक चलने वाले कार्यक्रमों में तेज संगीत से बच्चों का रूटीन पूरी तरह बिगड़ रहा है।


50 डेसिबल से ऊपर शोर क्यों है खतरनाक

विशेषज्ञों के मुताबिक—

  • 50 डेसिबल से अधिक शोर लंबे समय तक सुनने पर
    • सिरदर्द
    • चिड़चिड़ापन
    • नींद की समस्या
    • तनाव
    • हार्ट रेट में बदलाव
      जैसी परेशानियां बढ़ जाती हैं।

जब ध्वनि स्तर 90 से 110 डेसिबल तक पहुंचता है, तो यह कानों की नसों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। कई मामलों में सुनने की क्षमता कम होने और दिल से जुड़ी जटिलताएं भी सामने आई हैं।


110 डेसिबल तक पहुंच रही DJ की गूंज

प्रशासन द्वारा कराए गए मापन में कई स्थानों पर डीजे की आवाज 100 से 110 डेसिबल तक पाई गई है, जो तय मानक से लगभग दोगुनी से भी अधिक है। यह स्तर न केवल छात्रों के लिए बल्कि बुजुर्गों, बीमार लोगों और छोटे बच्चों के लिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है।


बिलासपुर और बलरामपुर में हो चुकी हैं मौतें

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार तेज ध्वनि और अत्यधिक शोर से जुड़ी घटनाओं में
बिलासपुर और
बलरामपुर
में गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां शोर और स्वास्थ्य पर पड़े प्रभाव को लेकर मौत के मामले भी दर्ज किए गए हैं। इन्हीं घटनाओं के बाद राज्य स्तर पर डीजे और साउंड सिस्टम को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है।


बिना अनुमति बज रहे डीजे पर कार्रवाई तेज

पुलिस और नगर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि—

  • बिना अनुमति डीजे बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित है
  • निर्धारित समय सीमा के बाद साउंड सिस्टम चलाने पर कार्रवाई होगी
  • मानक से अधिक डेसिबल पाए जाने पर डीजे जब्त किए जाएंगे

इसके साथ ही आयोजकों को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा।


परीक्षाकाल में विशेष निगरानी अभियान

एग्जाम सीजन को देखते हुए विशेष निगरानी अभियान शुरू किया गया है। थाना स्तर पर टीमों को तैनात किया गया है, जो—

  • शादी समारोह
  • धार्मिक जुलूस
  • राजनीतिक और सामाजिक आयोजनों
    में बजने वाले साउंड सिस्टम पर नजर रखेंगी।

शिकायत मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर डेसिबल मापन किया जा रहा है।


आम लोगों से की गई अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे—

  • बच्चों की पढ़ाई का सम्मान करें
  • अनावश्यक रूप से तेज आवाज में डीजे न बजाएं
  • किसी आयोजन के लिए पहले अनुमति जरूर लें

और शोर से संबंधित किसी भी शिकायत की सूचना नजदीकी थाना या कंट्रोल रूम में दें।


आयोजकों पर भी तय होगी जिम्मेदारी

अब केवल डीजे संचालक ही नहीं, बल्कि कार्यक्रम आयोजित करने वाले व्यक्ति, समिति या मैरिज हॉल संचालक को भी बराबर का जिम्मेदार माना जाएगा। यदि तय सीमा से अधिक शोर पाया गया, तो आयोजक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


छात्रों और नागरिकों ने फैसले का किया स्वागत

रायपुर समेत आसपास के इलाकों में छात्रों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि इस नियम का सख्ती से पालन हुआ, तो परीक्षा के दिनों में छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।


स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेज आवाज केवल अस्थायी परेशानी नहीं, बल्कि लंबे समय में गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है। लगातार शोर में रहने से—

  • उच्च रक्तचाप
  • मानसिक अवसाद
  • नींद संबंधी विकार
  • सुनने की क्षमता में गिरावट

जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।


आने वाले दिनों में और सख्त होगी कार्रवाई

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर बड़े स्तर पर डीजे, लाउडस्पीकर और साउंड सिस्टम की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

एग्जाम सीजन को शांतिपूर्ण और स्वस्थ वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।

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