खरियार रोड क्रॉसिंग पर नया ओवरब्रिज मई तक पूरा होगा, छत्तीसगढ़-ओडिशा संपर्क बेहतर बनेगा, जाम खत्म होगा और व्यापार व यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सड़क और रेल संपर्क को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है। खरियार रोड क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नया ओवरब्रिज दोनों राज्यों को जोड़ने वाली आवाजाही में बड़ा सुधार लाएगा। लंबे समय से प्रतीक्षित इस ओवरब्रिज के मई 2026 तक पूरा होने के आसार जताए जा रहे हैं।
इस ओवरब्रिज के बनने से न केवल यात्रियों को जाम और लेवल क्रॉसिंग पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार, परिवहन और आपातकालीन सेवाओं की गति भी तेज होगी। स्थानीय प्रशासन और रेलवे विभाग के अनुसार, निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और तय समय सीमा के भीतर इसे आम जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्षों पुरानी समस्या का मिलेगा समाधान
खरियार रोड क्रॉसिंग क्षेत्र लंबे समय से ट्रैफिक जाम और बार-बार बंद होने वाले रेलवे फाटकों की समस्या से जूझ रहा था। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच रोजाना हजारों वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। ट्रेन गुजरते ही फाटक बंद हो जाता है, जिससे कई-कई मिनट तक वाहन फंसे रहते हैं।
स्कूल बसों, एंबुलेंस, मालवाहक ट्रकों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी होती थी। कई बार आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देर हो जाती थी।
ओवरब्रिज से बदलेगी तस्वीर
नया ओवरब्रिज बनने के बाद यह समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। पुल के जरिए वाहन सीधे रेलवे लाइन के ऊपर से गुजर सकेंगे। इससे —
- ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी
- यात्रा का समय कम होगा
- दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी
- अंतरराज्यीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ओवरब्रिज छत्तीसगढ़–ओडिशा सीमा क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
मई तक पूरा होने की उम्मीद
निर्माण एजेंसी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पुल का अधिकांश ढांचा तैयार हो चुका है। अब सड़क सतह, रेलिंग, लाइटिंग और एप्रोच रोड का काम तेजी से चल रहा है।
यदि मौसम अनुकूल रहा और तकनीकी अड़चन नहीं आई, तो मई 2026 तक ओवरब्रिज का उद्घाटन संभव है। इसके बाद इसे आम यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
व्यापार और परिवहन को मिलेगा लाभ
खरियार रोड मार्ग खनिज, कृषि उत्पाद और औद्योगिक सामग्री के परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ओडिशा से छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ से ओडिशा जाने वाले भारी वाहन रोजाना इसी रास्ते से गुजरते हैं।
ओवरब्रिज के बन जाने से —
- माल ढुलाई तेज होगी
- ईंधन की बचत होगी
- ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी
- औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी
व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों ने इस परियोजना का स्वागत किया है।
स्थानीय लोगों में खुशी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह पुल वर्षों से उनकी मांग थी। क्षेत्र में रहने वाले लोगों को रोजाना स्कूल, कॉलेज, बाजार और अस्पताल जाने के लिए रेलवे फाटक पर लंबा इंतजार करना पड़ता था।
अब ओवरब्रिज बनने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। कई लोगों ने कहा कि इससे इलाके की जमीन और व्यापारिक गतिविधियों का मूल्य भी बढ़ेगा।
सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं
इस ओवरब्रिज में आधुनिक मानकों के अनुसार सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। इसमें —
- दोनों ओर मजबूत रेलिंग
- रात में रोशनी के लिए हाई मास्ट लाइट
- बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था
- चौड़ी सड़क सतह
जैसी सुविधाएं शामिल होंगी, ताकि भारी और हल्के दोनों तरह के वाहन सुरक्षित गुजर सकें।
प्रशासन की निगरानी
राज्य सरकार और जिला प्रशासन इस परियोजना की लगातार निगरानी कर रहे हैं। समय-समय पर अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और तय समय पर काम पूरा किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक पुल नहीं, बल्कि दो राज्यों के बीच विकास का सेतु साबित होगा।
भविष्य की योजनाएं
इस ओवरब्रिज के बाद क्षेत्र में और भी सड़क परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है, ताकि सीमा क्षेत्र के गांवों और कस्बों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। आने वाले वर्षों में यह इलाका परिवहन हब के रूप में विकसित हो सकता है।

