जीएसटी की बड़ी कार्रवाई लाइसेंस मीठी सुपारी का, प्रोडक्ट तंबाकू वाले; ‘सितार’ ब्रांड के मालिक पर 317 करोड़ रुपए का जुर्माना
📑 इस लेख मेंदुर्ग में जीएसटी की बड़ी कार्रवाई, मीठी सुपारी के लाइसेंस पर तंबाकू बेचने के मामले में ‘सितार’ ब्रांड के मालिक पर 317 करोड़ रुपए का…
दुर्ग में जीएसटी की बड़ी कार्रवाई, मीठी सुपारी के लाइसेंस पर तंबाकू बेचने के मामले में ‘सितार’ ब्रांड के मालिक पर 317 करोड़ रुपए का जुर्माना।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में जीएसटी विभाग (GST Department) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। विभाग ने ‘सितार’ ब्रांड के मालिक पर 317 करोड़ रुपए का भारी जुर्माना लगाया है। जांच में सामने आया कि कंपनी के पास मीठी सुपारी (Sweet Supari) का लाइसेंस था, लेकिन वास्तव में बाजार में तंबाकू मिश्रित उत्पाद बेचे जा रहे थे, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
यह मामला सामने आने के बाद राज्यभर में तंबाकू और सुपारी उत्पादों की आड़ में टैक्स चोरी को लेकर हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
जीएसटी विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ कंपनियां—
- मीठी सुपारी के नाम पर
- तंबाकू युक्त उत्पादों की बिक्री कर रही हैं
इसी कड़ी में ‘सितार’ ब्रांड पर शक गहराया। विभाग ने जब दस्तावेजों, बिक्री रिकॉर्ड और सैंपल की जांच की, तो बड़ा खुलासा हुआ।
जांच में क्या सामने आया?
जांच में यह पाया गया कि—
- कंपनी ने मीठी सुपारी का लाइसेंस ले रखा था
- लेकिन उत्पाद में तंबाकू की मात्रा पाई गई
- तंबाकू उत्पादों पर लगने वाला उच्च जीएसटी टैक्स बचाने के लिए गलत श्रेणी में बिक्री की गई
इस तरह वर्षों से टैक्स चोरी कर सरकार को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
317 करोड़ रुपए का जुर्माना क्यों?
जीएसटी अधिकारियों के अनुसार—
- गलत वर्गीकरण (Misclassification)
- टैक्स की जानबूझकर चोरी
- झूठे दस्तावेजों के आधार पर कारोबार
इन सभी को ध्यान में रखते हुए—
- बकाया टैक्स
- ब्याज
- और पेनल्टी
को जोड़कर कुल 317 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया कि ‘सितार’ ब्रांड का कारोबार—
- छत्तीसगढ़
- महाराष्ट्र
- मध्य प्रदेश
- ओडिशा
जैसे राज्यों तक फैला हुआ था। आशंका है कि आने वाले दिनों में अन्य राज्यों में भी जीएसटी की कार्रवाई तेज हो सकती है।
जीएसटी विभाग की सख्त चेतावनी
जीएसटी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि—
“तंबाकू उत्पादों को मीठी सुपारी या अन्य श्रेणियों में दिखाकर टैक्स बचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कोई भी व्यापारी नियमों से ऊपर नहीं है।”
विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस तरह के मामलों में आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जा सकते हैं।
तंबाकू कारोबार पर बढ़ी निगरानी
इस कार्रवाई के बाद—
- सुपारी
- गुटखा
- तंबाकू
- पान मसाला
जैसे उत्पादों के कारोबार पर विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। आने वाले दिनों में अन्य कंपनियों के सैंपल और रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे।
व्यापारियों में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद तंबाकू और सुपारी कारोबार से जुड़े व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। कई कारोबारी अपने—
- लाइसेंस
- उत्पाद की श्रेणी
- टैक्स भुगतान
की दोबारा समीक्षा कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी तरह की कार्रवाई से बचा जा सके।
निष्कर्ष
दुर्ग में हुई यह कार्रवाई न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के तंबाकू और सुपारी कारोबारियों के लिए सख्त संदेश है। टैक्स चोरी और गलत श्रेणी में उत्पाद बेचने की कोशिश अब भारी पड़ सकती है।
cg news, Virat News, जीएसटी, की, बड़ी, कार्रवाई, लाइसेंस, मीठी, सुपारी, का, — संक्षेप और और पढ़ें
cg news, Virat News, जीएसटी, की, बड़ी, कार्रवाई, लाइसेंस, मीठी, सुपारी, का, के बारे में और जानकारी के लिए नीचे दी गई संबंधित खबरें पढ़ें। विरात महानगर पर cg news, Virat News, जीएसटी, की, बड़ी, कार्रवाई, लाइसेंस, मीठी, सुपारी, का, से जुड़ी अद्यतन रिपोर्टिंग पढ़ें।
संबंधित खबरें:
- शादियों का सीजन शुरू, सिलेंडर के लिए फूड विभाग को दूसरा निमंत्रण
- महतारी वंदन योजना में अव्यवस्था, धूप में परेशान महिलाएं
- एलपीजी की जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, बुकिंग में आई भारी गिरावट
स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल
अन्य श्रेणियों से ताज़ा

सुशासन शिविर में हाथों-हाथ मिला योजनाओं का लाभ’

मध्य प्रदेश में शहीद परिवारों को बड़ा सम्मान, हर कोर्स में पत्नी और बच्चों के लिए सीट आरक्षित

मोहन कैबिनेट में बड़े फेरबदल की अटकलें, रिपोर्ट कार्ड के आधार पर कई मंत्रियों की छुट्टी तय?

💬 0 टिप्पणियाँ