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फरवरी तक 647 स्कूलों को कराना होगा रजिस्ट्रेशन, नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

📑 इस लेख मेंरायपुर में 700 से ज्यादा प्ले-स्कूल संचालित हैं, लेकिन केवल 53 पंजीकृत। फरवरी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर सख्त कार्रवाई होगी।📌 क्यों जरूरी है प्ले-स्कूल…

📅 3 January 2026, 11:22 am अपडेट: 16 May 2026
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रायपुर में 700 से ज्यादा प्ले-स्कूल संचालित हैं, लेकिन केवल 53 पंजीकृत। फरवरी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर सख्त कार्रवाई होगी।


रायपुर। राजधानी रायपुर में संचालित हो रहे प्ले-स्कूलों को लेकर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। शहर में इस समय 700 से अधिक प्ले-स्कूल संचालित हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 53 प्ले-स्कूल ही पंजीकृत हैं। शेष 647 प्ले-स्कूल बिना पंजीयन के बच्चों की पढ़ाई और देखरेख कर रहे हैं, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि फरवरी 2026 तक सभी अपंजीकृत प्ले-स्कूलों को अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


📌 क्यों जरूरी है प्ले-स्कूल का पंजीयन

प्ले-स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे 2 से 6 वर्ष की आयु के होते हैं, जिनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास बेहद संवेदनशील विषय है। शासन के नियमों के अनुसार पंजीयन के बिना स्कूल चलाना अवैध है। पंजीयन से यह सुनिश्चित होता है कि—

  • बच्चों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों
  • प्रशिक्षित शिक्षक और स्टाफ उपलब्ध हो
  • भवन सुरक्षित और मानकों के अनुरूप हो
  • आपातकालीन स्थिति से निपटने की व्यवस्था हो

🏫 बिना अनुमति चल रहे अधिकांश प्ले-स्कूल

जिला शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अधिकांश प्ले-स्कूल—

  • बिना मान्यता के संचालित हैं
  • भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र नहीं है
  • फायर सेफ्टी की व्यवस्था नहीं है
  • प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी है

इसके बावजूद हर साल बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को यहां दाखिला दिला रहे हैं।


⏳ फरवरी तक का मिला अंतिम मौका

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि—

  • फरवरी 2026 तक सभी प्ले-स्कूलों को पंजीयन कराना अनिवार्य होगा
  • समय सीमा के बाद निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा
  • नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर स्कूल सील किए जा सकते हैं
  • जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी

⚠️ अभिभावकों के लिए भी चेतावनी

शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि—

  • बच्चों का एडमिशन केवल पंजीकृत प्ले-स्कूलों में ही कराएं
  • स्कूल का रजिस्ट्रेशन नंबर अवश्य जांचें
  • सुरक्षा और स्टाफ की जानकारी लें

अनपंजीकृत स्कूलों में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता है।


👶 बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि

पिछले कुछ वर्षों में देशभर से प्ले-स्कूलों में लापरवाही से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं। इसी को देखते हुए सरकार अब प्री-प्राइमरी शिक्षा को पूरी तरह रेगुलेट करने की दिशा में सख्ती बरत रही है।


🏛️ विभाग क्या कर रहा है

जिला प्रशासन द्वारा—

  • सभी वार्डों में संचालित प्ले-स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है
  • स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं
  • ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है

🗣️ अधिकारियों का बयान

शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा—

“प्ले-स्कूल बच्चों की नींव मजबूत करते हैं, लेकिन बिना नियमों के संचालन बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा है। फरवरी के बाद सख्त कार्रवाई होगी।”


🔍 क्या-क्या दस्तावेज जरूरी होंगे

पंजीयन के लिए स्कूलों को—

  • भवन का स्वामित्व या किरायानामा
  • फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट
  • स्टाफ की योग्यता प्रमाण पत्र
  • CCTV और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी

जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे।


🔚 निष्कर्ष

रायपुर में प्ले-स्कूलों की बढ़ती संख्या के साथ उनकी निगरानी और पंजीयन बेहद जरूरी हो गया है। फरवरी के बाद प्रशासन की कार्रवाई तय मानी जा रही है। ऐसे में स्कूल संचालकों और अभिभावकों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल

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