छत्तीसगढ़ में 108 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। उनके पास से 101 हथियार, एक किलो सोना और 3.61 करोड़ रुपये बरामद हुए।
108 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। राज्य में 108 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह घटना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में कई बड़े इनामी नक्सली भी शामिल हैं।
करोड़ों रुपये और सोना बरामद
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने पुलिस के सामने बड़ी मात्रा में हथियार और नकदी भी जमा की। उनके पास से करीब 3.61 करोड़ रुपये नकद, एक किलो सोना और 101 हथियार बरामद किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह हथियार लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे थे।
29 करोड़ रुपये के थे इनामी
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर कुल मिलाकर लगभग 29 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
इनमें कई ऐसे नक्सली भी शामिल थे जो लंबे समय से सुरक्षा बलों की सूची में वांछित थे और कई गंभीर घटनाओं में शामिल रहे थे।
पुलिस ने किया स्वागत
नक्सलियों के आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस और प्रशासन ने उन्हें मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।
सूत्रों के अनुसार आत्मसमर्पण कार्यक्रम में पुलिस ने उन्हें सम्मानपूर्वक स्वागत करते हुए मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान रेड कारपेट बिछाकर आत्मसमर्पण करने वालों का स्वागत किया गया।
पुनर्वास योजना का मिलेगा लाभ
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा।
इस योजना के तहत उन्हें आर्थिक सहायता, रोजगार के अवसर और समाज में पुनर्वास के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों का एक साथ आत्मसमर्पण करना नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता है।
इससे क्षेत्र में शांति और विकास की संभावनाएं और मजबूत होंगी। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह के प्रयास जारी रहेंगे ताकि अधिक से अधिक लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट सकें।

