पुराने वाहनों की बिक्री पर लगने वाला 1 प्रतिशत टैक्स खत्म होगा। अब वाहन जितनी बार बिके, हर बार टैक्स नहीं देना पड़ेगा, उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
रायपुर। प्रदेश में वाहन मालिकों और ऑटो कारोबार से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पुराने वाहनों की बिक्री पर लगने वाला 1 प्रतिशत अतिरिक्त कर समाप्त करने का फैसला लिया गया है। अब तक स्थिति यह थी कि कोई वाहन जितनी बार बेचा जाता था, उतनी बार 1 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था, जिससे आम उपभोक्ता और डीलरों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था।
यह फैसला वाहन पंजीयन और ट्रांसफर प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ में लागू परिवहन नियमों में सुधार के तहत की जा रही है।
अब बार-बार बिक्री पर नहीं लगेगा टैक्स
अब तक पुराने वाहन की हर बार बिक्री और ट्रांसफर के समय वाहन की कीमत पर 1 प्रतिशत कर वसूला जा रहा था। इससे ऐसे वाहन, जो दो या तीन बार खरीदे-बेचे जाते थे, उन पर बार-बार टैक्स लग जाता था।
नई व्यवस्था के बाद पुराने वाहनों की बिक्री पर यह 1 प्रतिशत टैक्स नहीं लिया जाएगा, जिससे सेकेंड हैंड वाहन बाजार को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
आम लोगों और डीलरों को बड़ी राहत
सेकेंड हैंड वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह फैसला बेहद राहत भरा है। वाहन ट्रांसफर के दौरान पहले जहां अतिरिक्त टैक्स देना पड़ता था, वहीं अब केवल जरूरी शुल्क और रजिस्ट्रेशन चार्ज ही देना होगा।
वाहन डीलरों का कहना है कि टैक्स खत्म होने से पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त में तेजी आएगी और बाजार में सुस्ती कम होगी।
क्यों लिया गया यह फैसला
परिवहन विभाग के अनुसार, पुराने वाहनों पर बार-बार टैक्स लगने से शिकायतें लगातार मिल रही थीं। उपभोक्ताओं और व्यापारियों की मांग थी कि पुराने वाहन पर एक ही वाहन के लिए कई बार टैक्स लेना अनुचित है।
सरकार ने इस बात को स्वीकार करते हुए टैक्स प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।
ट्रांसफर प्रक्रिया होगी आसान
1 प्रतिशत टैक्स समाप्त होने से वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में आसान होगी। लोगों को दस्तावेजी प्रक्रिया के साथ अतिरिक्त भुगतान की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इससे डिजिटल ट्रांसफर और ऑनलाइन सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
सेकेंड हैंड वाहन बाजार को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में बड़ी संख्या में लोग बजट के कारण पुराने वाहन खरीदना पसंद करते हैं। टैक्स खत्म होने से अब ग्राहक कम कीमत में वाहन खरीद सकेंगे, जिससे सेकेंड हैंड वाहन बाजार में गतिविधि बढ़ने की संभावना है।
व्यापार संगठनों का मानना है कि यह फैसला रोजगार और ऑटो व्यापार दोनों के लिए सकारात्मक साबित होगा।
आम लोगों पर सीधा असर
नई व्यवस्था का सीधा फायदा मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को मिलेगा, जो अक्सर पुराने वाहन खरीदते हैं। पहले टैक्स के कारण वाहन की कुल लागत बढ़ जाती थी, लेकिन अब लागत में सीधी कमी आएगी।
सरकार का उद्देश्य – सरल और पारदर्शी टैक्स व्यवस्था
सरकार का उद्देश्य है कि वाहन से जुड़े नियमों को सरल बनाया जाए और अनावश्यक कर बोझ को खत्म किया जाए। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में वाहन पंजीयन और ट्रांसफर से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं को भी और आसान बनाया जाएगा।

