छत्तीसगढ़ में 5.52 लाख मतदाताओं के नाम में गड़बड़ी, 1.33 लाख के दस्तावेज लंबित, 14 तक सुधार का अंतिम मौका, निर्वाचन विभाग ने अपील की।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं से जुड़े रिकॉर्ड में गंभीर खामियां सामने आई हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार प्रदेश में कुल 5 लाख 52 हजार मतदाताओं के नाम, पता और अन्य विवरण में गड़बड़ी पाई गई है। इनमें से करीब 1 लाख 33 हजार मतदाताओं के आवश्यक दस्तावेज अब तक विभाग को प्राप्त नहीं हो सके हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची में नाम, जन्मतिथि, फोटो, पता और अन्य जानकारियों में सुधार के लिए 14 तारीख तक अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद लंबित मामलों पर आपत्ति और दावे स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
मतदाता सूची सुधार अभियान में सामने आई बड़ी गड़बड़ी
राज्य निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिलेवार स्तर पर मतदाता सूची की जांच के दौरान यह पाया गया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग, पिता या पति के नाम, जन्मतिथि, पता और फोटो से संबंधित त्रुटियां हैं।
कुल 5.52 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनके रिकॉर्ड में किसी न किसी तरह की गलती दर्ज है। इन सभी मामलों को ठीक करने के लिए संबंधित मतदाताओं को फॉर्म भरकर दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
1.33 लाख मतदाताओं के दस्तावेज अब तक नहीं मिले
निर्वाचन विभाग के मुताबिक सबसे ज्यादा चिंता का विषय यह है कि 1.33 लाख मतदाताओं के मामलों में जरूरी प्रमाण पत्र अब तक जमा नहीं हो सके हैं। इन मामलों में आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र या अन्य वैध दस्तावेजों की आवश्यकता है।
यदि तय समय सीमा तक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, तो संबंधित प्रविष्टियों पर कार्रवाई की जा सकती है और नामों पर आपत्ति या रोक लगाई जा सकती है।
14 तारीख तक सुधार का अंतिम मौका
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह के सुधार, संशोधन और त्रुटि सुधार के लिए 14 तारीख तक ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
निर्वाचन विभाग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपने विवरण की जांच कर लें और यदि कोई गलती हो तो तुरंत सुधार कराएं।
किन जानकारियों में मिल रही हैं सबसे ज्यादा त्रुटियां
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, जिन जानकारियों में सबसे अधिक गड़बड़ियां पाई गई हैं, उनमें—
- नाम और उपनाम की गलत स्पेलिंग
- पिता या पति के नाम में त्रुटि
- जन्मतिथि में अंतर
- पते में गलत वार्ड या मोहल्ला
- फोटो का सही न होना
शामिल हैं।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधा
मतदाता सूची में सुधार के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। मतदाता—
- वोटर हेल्पलाइन ऐप
- राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (NVSP)
- बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर)
- संबंधित निर्वाचन कार्यालय
के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
बीएलओ को घर-घर जाकर सत्यापन के निर्देश
राज्य निर्वाचन कार्यालय ने सभी जिलों के कलेक्टरों और रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं से संपर्क किया जाए, जिनके दस्तावेज लंबित हैं।
इसका उद्देश्य यह है कि कोई भी योग्य मतदाता तकनीकी या दस्तावेजी कमी के कारण मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
मतदाता सूची में शुद्धता जरूरी
अधिकारियों का कहना है कि शुद्ध और अद्यतन मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी बुनियाद होती है। गलत नाम, गलत विवरण और अपूर्ण दस्तावेज भविष्य में मतदान के दौरान परेशानी पैदा कर सकते हैं।
इसी कारण इस बार विशेष अभियान चलाकर बड़े स्तर पर मतदाता सूची की जांच कराई जा रही है।
मतदाताओं को क्या करना चाहिए
निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे—
- अपनी मतदाता प्रविष्टि की जांच करें
- दस्तावेज समय पर जमा करें
- बीएलओ से संपर्क बनाए रखें
- अंतिम तिथि से पहले सुधार कराएं
ताकि किसी भी तरह की समस्या से बचा जा सके।

