अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यन ने गीता पर हाथ रखकर शपथ ली, ‘मुझे गर्व है कि मैं पहला हूं, लेकिन आखिरी नहीं हूं’
वाशिंगटन। भारतीय अमेरिकियों के लिए दिन काफी ऐतिहासिक रहा था। दरअसल, छह भारतवंशी नेताओं ने अमेरिकी संसद के सदस्य के रूप में शपथ ली था। यह पहला मौका…

वाशिंगटन।
भारतीय अमेरिकियों के लिए दिन काफी ऐतिहासिक रहा था। दरअसल, छह भारतवंशी नेताओं ने अमेरिकी संसद के सदस्य के रूप में शपथ ली था। यह पहला मौका है, जब अमेरिकी संसद के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव यानी निचली सदन में एक साथ छह भारतीय-अमेरिकियों ने शपथ ग्रहण की।
इस दौरान सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने भगवद् गीता पर हाथ रखकर शपथ ली। जबकि सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने एक कार्यक्रम के दौरान भगवद् गीता का एक अंश पढ़ा। सुहास सुब्रमण्यम, अमी बेरा, राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और श्री थानेदार अमेरिकी सदन में पहुंचे हैं। डॉ. अमी बेरा 2013 से कैलिफोर्निया के सातवें संसदीय जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे सीनियर भारतीय अमेरिकी सांसद हैं।
भगवद् गीता पर शपथ ली
अमेरिका के पूर्वी तट पर बसे राज्यों से अमेरिकी संसद में पहुंचने वाले पहले भारतवंशी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने भगवद गीता की शपथ ली। इसी के साथ वह हिंदू ग्रंथ पर ऐसा करने वाले संभवतः एकमात्र सांसद बन गए। उनकी मां, जो डलास हवाईअड्डे के माध्यम से अमेरिका आई थीं, ने उन्हें गीता की शपथ लेते हुए देखा। गौरतलब है, 43 साल की तुलसी गब्बार्ड अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की पहली हिंदू अमेरिकी सदस्य थीं। उन्होंने पहली बार तीन जनवरी, 2013 में गीता पर शपथ ली थी। वह हवाई के दूसरे संसदीय जिले का प्रतिनिधित्व करती थीं। गब्बार्ड, जो किशोरावस्था में हिंदू धर्म अपनाने वाली पहली व्यक्ति थीं, अब राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के पद के लिए नामांकित हैं। शपथ लेने के बाद सुहास सुब्रमण्यम ने कहा, 'मेरे माता-पिता ने मुझे वर्जीनिया से पहले भारतीय अमेरिकी और दक्षिण एशियाई सांसद के रूप में शपथ लेते हुए देखा। अगर आप मेरी मां से भारत से डलास एयरपोर्ट पर उतरते समय कहते कि उनका बेटा भविष्य में वर्जीनिया का प्रतिनिधित्व करेगा, तो वह शायद विश्वास नहीं करतीं, लेकिन मेरी कहानी वही आशा है जो अमेरिका रखता है। मुझे गर्व है कि मैं पहला हूं, लेकिन आखिरी नहीं हूं, क्योंकि मैं वर्जीनिया के 10वें जिले का प्रतिनिधित्व करता हूं।'
कृष्णमूर्ति ने पढ़ा गीता का अंश
सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने द्धिदलीय अंतरधार्मिक प्रार्थना सभा के दौरान भगवद् गीता का एक अंश पढ़ा। यह सेवा 119वीं सदन के पहले दिन की शुरुआत में आयोजित की गई थी। राजा कृष्णमूर्ती के कार्यालय द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, वह इस सेवा में बोलने वाले अकेले हिंदू प्रतिनिधि थे। उन्होंने कहा, 'कुछ साल पहले, हिंदू अमेरिकियों को हमारे देश की राजधानी में प्रार्थना सेवाओं में शामिल नहीं किया जाता था। मैं आभारी हूं कि अब हमारे पास भी एक जगह है और मैं हिंदू धर्म के सुंदर आशीर्वादों को अपने सहयोगियों के साथ बांटने में भूमिका निभा सकता हूं, चाहे वे रिपब्लिकन हों या डेमोक्रेट। हम सबने मिलकर शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की, जिससे हम अपने देश की सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हैं।'
सांसद कृष्णमूर्ति 2017 से इलिनॉयस के 8वें जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को 119वीं सदन का हिस्सा बनने के लिए शपथ ली। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, 'हमारी समुदायों की सेवा करना एक जीवनभर का सम्मान है। पिछले सप्ताह, जब मैंने एक और कार्यकाल के लिए वाशिंगटन में अपने प्रतिनिधि के रूप में शपथ ली, तो मैं आगे के अवसरों के लिए बेहद आभारी और उत्साहित हूं।'
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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल
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