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सरगुजा में ‘आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर’: पारंपरिक कलाओं को मिलेगा नया जीवन

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर सरगुजा संभाग में 'आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर' का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर पारंपरिक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

📅 8 June 2026, 2:50 am अपडेट: 8 June 2026
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आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर
Photo by Ahmed Lishane on Pexels

संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर, छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण हेतु सरगुजा संभाग में ‘आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर’ का आयोजन किया जा रहा है। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह ‘पारंपरिक शिल्प एवं विविध कला प्रशिक्षण शिविर’ 8 जून से 14 जून 2026 तक उदयपुर और लखनपुर में चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रदेश की लोक कला परंपराओं से जोड़ना तथा उनमें पारंपरिक शिल्प और कला के प्रति रुचि विकसित करना है। यह आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।

आकार-2026: सांस्कृतिक संरक्षण की पहल

छत्तीसगढ़ अपनी अनूठी लोक कलाओं और शिल्पों के लिए विख्यात है। इन धरोहरों को सहेजने और युवाओं तक पहुंचाने के लिए संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल की पहल पर यह ‘आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर’ आयोजित हो रहा है। उदयपुर में प्रशिक्षण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में सुबह 8 से 11 बजे तक, जबकि लखनपुर में पीएमश्री स्कूल परिसर में शाम 5 से रात 8 बजे तक दिया जाएगा। यह आयोजन विलुप्तप्राय कला विधाओं को पुनर्जीवित करने का सशक्त माध्यम है।

14 पारंपरिक कला विधाओं का विशेष प्रशिक्षण

इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को कुल 14 पारंपरिक कला विधाओं में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा। इनमें नृत्य, नाटक, वाद्ययंत्र, चित्रकला, क्ले आर्ट, म्यूरल आर्ट, हस्तकढ़ाई, ड्राई फ्लावर आर्ट, कोरिया कला, रजवार मिट्टी चित्र, मेहंदी, मृदा शिल्प, गोदना कला और बांस शिल्प प्रमुख हैं। प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार और पारंगत कला गुरु इन विधाओं में व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। ‘आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर’ रचनात्मकता और कौशल विकास को बढ़ावा देगा।

पंजीयन प्रक्रिया एवं महत्वपूर्ण संपर्क

‘आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर’ के लिए पंजीयन प्रक्रिया 6 जून से प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित शुल्क मात्र 100 रुपये जमा कर इसमें भाग ले सकते हैं। दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को शुल्क में विशेष छूट प्रदान की जाएगी। विस्तृत जानकारी www.cgculture.in से प्राप्त करें। अधिक जानकारी हेतु श्री अनूप किंडो (प्रभारी अधिकारी आकार) से मोबाइल 77730-49560 पर या संचालनालय संस्कृति विभाग, रायपुर के टेलीफोन 0771-2995629, 0771-2537404 पर कार्यालयीन समय पर संपर्क करें।

युवा सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पहचान

यह ‘आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर’ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और युवा पीढ़ी में लोक कला तथा शिल्प परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रतिभागियों द्वारा तैयार कलाकृतियों की प्रदर्शनी आयोजित होगी और उन्हें प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। यह पहल युवा कलाकारों को अनुभवी गुरुओं के मार्गदर्शन में सीखने, अपनी प्रतिभा को निखारने और भविष्य में स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगी।

विरात महानगर का विश्लेषण: ‘आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर’ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को अक्षुण्ण रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक दौर में पारंपरिक कलाओं के प्रति युवाओं की रुचि जगाना और उन्हें इन विधाओं में पारंगत करना आवश्यक है। यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा और युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक होगा। ऐसे कार्यक्रम हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के लिए अनिवार्य हैं।

आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर

आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q. आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. इस शिविर का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं और पारंपरिक शिल्प का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ताकि नई पीढ़ी को इन कलाओं से जोड़ा जा सके।

Q. यह प्रशिक्षण शिविर कब और कहाँ आयोजित किया जा रहा है?
A. आकार-2026 प्रशिक्षण शिविर 8 जून से 14 जून 2026 तक सरगुजा संभाग के उदयपुर और लखनपुर में आयोजित किया जा रहा है।

Q. प्रशिक्षण शिविर में कौन-कौन सी कला विधाएं सिखाई जाएंगी?
A. इसमें नृत्य, नाटक, वाद्ययंत्र, चित्रकला, क्ले आर्ट, म्यूरल आर्ट, हस्तकढ़ाई, ड्राई फ्लावर आर्ट, कोरिया कला, रजवार मिट्टी चित्र, मेहंदी, मृदा शिल्प, गोदना कला और बांस शिल्प सहित 14 पारंपरिक कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Q. प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कैसे और कब तक किया जा सकता है?
A. पंजीकरण प्रक्रिया 6 जून से प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित शुल्क जमा कर इसमें भाग ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए www.cgculture.in पर संपर्क किया जा सकता है।

Q. क्या प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को कोई लाभ मिलेगा?
A. हाँ, प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों द्वारा तैयार कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी और उन्हें प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। यह उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करने में भी मदद करेगा।

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आधिकारिक संदर्भ: छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग

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