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रायपुर : बैगा बाहुल्य ग्रामों के पेयजल संकट को दूर करेगी छीरपानी जलाशय आधारित योजना

रायपुर : बैगा बाहुल्य ग्रामों के पेयजल संकट को दूर करेगी छीरपानी जलाशय आधारित योजना रायपुर: छीरपानी जलाशय योजना से बैगा बाहुल्य गांवों में पेयजल संकट होगा खत्म…

📅 20 August 2025, 1:11 pm अपडेट: 16 May 2026
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रायपुर : बैगा बाहुल्य ग्रामों के पेयजल संकट को दूर करेगी छीरपानी जलाशय आधारित योजना
रायपुर: छीरपानी जलाशय योजना से बैगा बाहुल्य गांवों में पेयजल संकट होगा खत्म

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल तेज, कलेक्टर ने विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

रायपुर,

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प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा को मूर्त रूप देने और विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य ग्रामों में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या को सुलझाने के लिए कबीरधाम जिला प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने छीरपानी मध्यम जलाशय पर आधारित नई जल प्रदाय योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना से दलदली ग्राम सहित 20 से 30 गांवों और बैगा बसाहटों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर वर्मा ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को निर्देशित किया कि वे तत्काल स्थल निरीक्षण करें और विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यह देखा जाए कि कौन-कौन से गांव योजना से जुड़ेंगे और उनकी पेयजल आपूर्ति कैसे सुनिश्चित होगी।

बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छीरपानी मध्यम जलाशय में हर साल पर्याप्त जल भराव होता है और इसकी जल आवक भी पर्याप्त है, सिंचाई कार्य के बाद भी पेयजल के लिए आपूति की जा सकती है। यही कारण है कि यहां से दीर्घकालीन पेयजल आपूर्ति संभव है। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को भी तकनीकी परीक्षण और व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

दलदली प्रवास से शुरू हुई पहल, मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन से चार माह पहले सुशासन तिहार के अंतर्गत कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के अंतिम ग्राम दलदली का दौरा किया था। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें प्रमुखता से पेयजल संकट की समस्या से अवगत कराया। मुख्यमंत्री साय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्थानीय कनाई नाला से जल प्रदाय योजना की घोषणा की थी।

हालाँकि, जिला प्रशासन और विभागीय टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि कनाई नाला में केवल बरसात के मौसम में ही पानी रहता है। ग्रीष्मकाल में जल प्रवाह लगभग समाप्त हो जाता है, जिससे नियमित और टिकाऊ पेयजल आपूर्ति संभव नहीं है।
यही कारण रहा कि कलेक्टर वर्मा ने मुख्यमंत्री की घोषणा को व्यवहारिक रूप देने और स्थायी समाधान के लिए छीरपानी जलाशय पर आधारित नई योजना बनाने का निर्णय लिया।

65 ग्रामों के लिए 118.06 करोड़ की योजना प्रस्तावित

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि उपमुख्यंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासो से राज्य शासन को कुसुमघटा, बैजलपुर और राजा नवागांव सहित बोड़ला विकासखंड के 65 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति के लिए 118.06 करोड़ रुपए की जल प्रदाय योजना प्रस्तावित की गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव वर्तमान में स्वीकृति की अंतिम चरणों में है। इस योजना के लागू होने पर पूरे क्षेत्र के दर्जनों गांवों को राहत मिलेगी।

कलेक्टर ने अन्य विकास योजनाओं की भी समीक्षा

बैठक में कलेक्टर वर्मा ने पेयजल योजनाओं के साथ-साथ जिले की अन्य प्रमुख योजनाओं की भी समीक्षा की। इनमें प्रमुख रूप से महतारी सदन योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और नगर पंचायतों के अधोसंरचना मद से स्वीकृत निर्माण कार्य शामिल थे। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर प्रारंभ और अप्रारंभ कार्यों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरे करें।

इसके साथ ही कलेक्टर ने राज्य शासन के निर्देश पर 15 अगस्त 2025 से 31 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले रजत जयंती वर्ष कार्यक्रमों की रूपरेखा का गहन मूल्यांकन किया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा, डिप्टी कलेक्टर सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे।

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