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बीना से जबलपुर तक बनेगा 166 KM का रेलवे बाईपास, अब आउटर पर नहीं अटकेंगी ट्रेनें

जबलपुर बुंदेलखंड और महाकौशल के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर आई है. क्योंकि पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा बीना-जबलपुर को बाईपास करने की योजना बनाई गई है.…

📅 17 May 2026, 9:00 am प्रकाशित: 17 May 2026
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बीना जबलपुर तक
Photo by Amit Rai on Pexels

जबलपुर
बुंदेलखंड और महाकौशल के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर आई है. क्योंकि पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा बीना-जबलपुर को बाईपास करने की योजना बनाई गई है. इतना ही नहीं इसका सर्वे करने के लिए बजट की भी मंजूरी मिल गई है. करीब 83 लाख की लागत से इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें 166 किलोमीटर लंबे रूट का सर्वेक्षण होगा. अभी लोकेशन की तलाश चल रही है कि आखिर यह रेलवे बाईपास कहां से गुजरेगा? इसका सीधा फायदा बीना रेलवे जंक्शन को मिलने वाला है। 

क्योंकि यह रेलवे जंक्शन वर्तमान समय में मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के अत्यधिक दबाव से जूझ रहा है. बाईपास रेलवे ट्रैक बनने से मालगाड़ियों को निकालने की योजना है, इससे यात्री गाड़ियों को आउटर सिग्नल पर रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी 

बीना रेलवे स्टेशन से रोजाना गुजरती हैं 60 से 70 मालगाड़ी
बुंदेलखंड का बीना रेलवे जंक्शन एक ऐसा सेंटर है जहां से बीना-कटनी, बीना-भोपाल, बीना-झांसी, जैसी दिशाओं में ट्रैक यानी रेलवे लाइन जाती है और रेलवे रिकॉर्ड के अनुसार यहां से रोजाना 60 से 70 मालगाड़ी गुजरती हैं. इतना ही नहीं मालगाड़ी के अलावा अगर यात्री ट्रेनों की बात करें तो उनकी संख्या भी 150 प्लस है. रेलवे के अनुसार बिना स्टेशन पर रुकने वाली और थ्रू निकलने वाली गाड़ियों की संख्या 155 है. आज की स्थिति की बात करें तो सभी मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें एक ही ट्रैक से निकाली जाती हैं। 

ट्रेनों को सीधे बायपास से निकाला जाएगा
इसकी वजह से प्लेटफॉर्म की लूप लाइन के साथ मैन अप और डाउन ट्रैक व्यस्त रहता है. इसके अलावा रेलवे यार्ड में मालगाड़ियों को प्लेस करने और चलाने में ट्रैक व्यस्त हो जाता है. ट्रैक क्लियर न मिलने के कारण सवारी गाड़ियों को स्टेशन के होम या आईबीएच सिग्नल पर रोकना पड़ता है. इसकी वजह से न सिर्फ यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, बल्कि ट्रेनें भी डिटेन होती हैं. इस दबाव को कम करने के उद्देश्य से रेलवे ने बाईपास ट्रैक बनाने का निर्णय लिया है. बाईपास बनाने के बाद मालगाड़ियों को यार्ड में लेकर चलाने के बजाए सीधे बाईपास से निकाला जाएगा। 

फाइनल रिपोर्ट तैयार होने के बाद कैबिनेट को भेजी जाएगी रिपोर्ट
रेलवे के इंजीनियरों के द्वारा सर्वे रिपोर्ट में यह चीज देखी जाएगी कि इसका रूट कहां से गुजरेगा. भू अर्जन करने के लिए कितनी मुआवजा राशि खर्च करनी पड़ सकती है. इस नए रेलवे ट्रैक से कितने गांव कितने शहर कनेक्ट होंगे. ट्रैफिक किस तरह का मिलेगा, इस रास्ते में नदी पर कहां पुल बनाने पड़ेंगे. कहां पहाड़ को काटकर ट्रैक बिछाना पड़ेगा. इनकी फाइनल रिपोर्ट तैयार होने के बाद उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसका प्रस्ताव कैबिनेट तक जाएगा. वहां से मोहर लगने के बाद ही बजट आवंटित किया जा सकता है। 

यात्री ट्रेनों को आउटर पर रोकने की नहीं पड़ेगी जरूरत
बीना के एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि बाईपास बनने के बाद रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म और ट्रैक खाली रहेंगे. इससे यात्री ट्रेनों को आउटर पर रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और ट्रेनों को सीधे प्लेटफॉर्म पर ले सकेंगे. इसके साथ ही परियोजना का उद्देश्य न सिर्फ स्टेशन का ट्रैफिक कम करना है, बल्कि यात्री ट्रेनों की समयबद्धता में भी सुधार करना है। 

बाईपास बनने से दूरी होगी कम
बीना से जबलपुर जाने वाली रेलवे ट्रैक की दूरी की बात करें तो यह सागर, दमोह, कटनी होते हुए गुजरता है. जिसकी दूरी लगभग 351 किलोमीटर है और किसी भी ट्रेन से सफर करने के लिए कम से कम 6 घंटे का समय लगता है, लेकिन जब यह बाईपास बन जाएगा तो इसकी दूरी लगभग आदि कम होकर 166 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे समय की बचत होगी किराया भी कम लगने लगेगा। 

बीना जबलपुर तक — संक्षेप और और पढ़ें

बीना जबलपुर तक के बारे में और जानकारी के लिए नीचे दी गई संबंधित खबरें पढ़ें। विरात महानगर पर बीना जबलपुर तक से जुड़ी अद्यतन रिपोर्टिंग पढ़ें।

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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल

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