मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर धान खरीदी अभियान जारी: अब तक 93.44 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
📑 इस लेख मेंरायपुर। धान खरीदी अभियानधान खरीदी प्रक्रिया पर गहन निगरानीऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन प्रणालीधान खरीदी का भुगतान और बैंक लिंकेज व्यवस्थाधान का उठाव भी तेजी से…

रायपुर। धान खरीदी अभियान
छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए राहत भरी खबर है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और मार्गदर्शन में राज्य में धान खरीदी का अभियान अनवरत जारी है। 14 नवंबर 2024 से शुरू हुआ यह अभियान किसानों को समय पर लाभ और सुविधाजनक व्यवस्था प्रदान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अब तक 93.44 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, और 18.69 लाख किसानों को 21,040 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
धान खरीदी प्रक्रिया पर गहन निगरानी
धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। किसानों से धान खरीदी में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए सरकार ने अत्याधुनिक व्यवस्थाओं को लागू किया है। इस वर्ष 31 जनवरी 2025 तक यह अभियान जारी रहेगा।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कुल 27.78 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें से 1.59 लाख नए किसान शामिल हैं। राज्य के 2739 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से इस वर्ष 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन प्रणाली
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन प्रणाली उपलब्ध कराई है। “टोकन तुंहर हांथ” ऐप के माध्यम से किसान अपनी सुविधानुसार तिथि का चयन कर सकते हैं और धान विक्रय कर सकते हैं। यह सुविधा 25 जनवरी 2025 तक उपलब्ध है। उपार्जन केंद्रों पर भी टोकन जारी किए जा रहे हैं ताकि किसानों को आसानी से उनकी पसंदीदा तारीख पर धान बेचने का मौका मिल सके।
खाद्य विभाग ने बताया कि आज 02 जनवरी 2025 को 62,494 किसानों से 2.90 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। इसके लिए 81,926 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिनों के लिए 83,303 टोकन पहले से ही जारी किए गए हैं।
धान खरीदी का भुगतान और बैंक लिंकेज व्यवस्था
सरकार द्वारा सुनिश्चित किया गया है कि किसानों को उनके धान की खरीदी के बदले समय पर भुगतान किया जाए। अब तक 18.69 लाख किसानों को 21,040 करोड़ रुपये का भुगतान बैंक लिंकेज व्यवस्था के तहत किया गया है। यह किसानों को समय पर आर्थिक सहायता प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
धान का उठाव भी तेजी से जारी
धान खरीदी के साथ-साथ धान का उठाव भी तेजी से किया जा रहा है। अब तक 62.72 लाख मीट्रिक टन धान के लिए डिलीवरी ऑर्डर (डीओ) और ट्रांसपोर्ट ऑर्डर (टीओ) जारी किए जा चुके हैं। इसके तहत 36.38 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि खरीदे गए धान का सही समय पर भंडारण और वितरण किया जाए।
कृषि विभाग की व्यापक तैयारियां
इस वर्ष धान खरीदी के लिए सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं। राज्य भर में 2739 उपार्जन केंद्रों की स्थापना की गई है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक है।
किसानों को इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मॉनिटरिंग टीमें तैनात की गई हैं। उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है और किसानों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री की पहल से किसानों को लाभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हित में इस योजना को प्राथमिकता दी है। उनके मार्गदर्शन में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए सही मूल्य और समय पर भुगतान प्राप्त करें।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि राज्य का हर किसान अपनी फसल का सही मूल्य प्राप्त करे और उसे अपनी मेहनत का लाभ मिल सके। सरकार ने धान खरीदी और भुगतान प्रक्रिया को किसानों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए तकनीक और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है।”
किसानों को दी गई सुविधा और टोकन प्रणाली की सराहना
राज्य के किसानों ने धान खरीदी व्यवस्था और टोकन प्रणाली की सराहना की है। किसान “टोकन तुंहर हांथ” ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं और अपनी सुविधा अनुसार तारीख चुन सकते हैं। यह प्रणाली पारदर्शी और आसान है, जिससे किसानों को लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ता।
किसानों का कहना है कि राज्य सरकार की यह पहल उन्हें अपनी फसल बेचने में बहुत मदद कर रही है। साथ ही, समय पर भुगतान मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।
सरकार की प्रतिबद्धता: किसानों के लिए उज्जवल भविष्य
राज्य सरकार किसानों की भलाई और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। धान खरीदी अभियान इसका एक बड़ा उदाहरण है। 31 जनवरी 2025 तक इस अभियान के तहत अधिकतम किसानों से धान खरीदा जाएगा और उन्हें समय पर भुगतान दिया जाएगा।
धान खरीदी और उठाव की यह प्रक्रिया छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी कृषि राज्यों में से एक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के प्रयासों से न केवल किसानों को लाभ हो रहा है, बल्कि राज्य की कृषि व्यवस्था भी सशक्त हो रही है।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य में धान खरीदी और उठाव का यह अभियान न केवल किसानों के लिए राहत और सुविधा लेकर आया है, बल्कि यह राज्य की कृषि शक्ति को भी दर्शाता है। 93.44 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी और 21,040 करोड़ रुपये के भुगतान के साथ, यह अभियान किसानों के लिए एक नई उम्मीद और उज्जवल भविष्य का प्रतीक बन गया है।
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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल
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