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न्यू स्वागत विहार मामला: 6 लाख में खरीदी जमीन, अब रजिस्ट्री और विकास शुल्क में देने होंगे 6.13 लाख

📑 इस लेख मेंजमीन खरीदारों पर बढ़ा आर्थिक बोझ, कॉलोनी वैधीकरण प्रक्रिया बनी चिंता का कारणक्या है पूरा मामलाजमीन से ज्यादा शुल्क, लोगों में नाराजगीकॉलोनी में रहने वालों…

📅 25 December 2025, 10:51 am अपडेट: 16 May 2026
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जमीन खरीदारों पर बढ़ा आर्थिक बोझ, कॉलोनी वैधीकरण प्रक्रिया बनी चिंता का कारण

रायपुर। राजधानी रायपुर के न्यू स्वागत विहार कॉलोनी में जमीन खरीदने वाले सैकड़ों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जहां लोगों ने वर्षों पहले 6 लाख रुपये में प्लॉट खरीदे थे, वहीं अब रजिस्ट्री और विकास शुल्क के नाम पर उनसे 6.13 लाख रुपये अतिरिक्त वसूले जाने की तैयारी है। इस फैसले से कॉलोनीवासियों में गहरा असंतोष और नाराजगी देखने को मिल रही है।

कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि उन्होंने जमीन खरीदते समय यह नहीं सोचा था कि भविष्य में उन्हें प्लॉट की कीमत से भी अधिक रकम केवल वैधीकरण और शुल्क के नाम पर चुकानी पड़ेगी।


क्या है पूरा मामला

न्यू स्वागत विहार कॉलोनी में अधिकांश प्लॉट बिना विधिवत रजिस्ट्री और नगर विकास अनुमति के बेचे गए थे। अब जब कॉलोनी के वैधीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई है, तो—

  • नगर निगम
  • टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग

की ओर से रजिस्ट्री शुल्क, विकास शुल्क, ले-आउट चार्ज और अन्य वैधानिक शुल्क निर्धारित किए गए हैं।

इन सभी शुल्कों को मिलाकर एक प्लॉट मालिक को औसतन 6.13 लाख रुपये चुकाने होंगे।


जमीन से ज्यादा शुल्क, लोगों में नाराजगी

स्थानीय निवासियों का कहना है कि—

  • जमीन खरीदते समय उन्हें विकास शुल्क की जानकारी नहीं दी गई
  • कॉलोनाइजर ने सभी सुविधाएं देने का आश्वासन दिया था
  • अब अचानक इतनी बड़ी रकम देना आम लोगों के लिए संभव नहीं

कई परिवार ऐसे हैं जिन्होंने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी से प्लॉट खरीदा था, लेकिन अब अतिरिक्त रकम के चलते वे रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं।


कॉलोनी में रहने वालों की स्थिति

न्यू स्वागत विहार में—

  • मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोग रहते हैं
  • कई लोगों ने मकान भी बना लिए हैं
  • बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं अभी भी अधूरी हैं

रहवासियों का कहना है कि जब सुविधाएं पूरी नहीं हैं, तो इतना भारी विकास शुल्क क्यों लिया जा रहा है।


प्रशासन का पक्ष

नगर निगम और संबंधित विभागों का कहना है कि—

  • कॉलोनी का विकास नियमों के अनुरूप नहीं हुआ
  • वैधीकरण के लिए तय शुल्क अनिवार्य हैं
  • शुल्क शासन द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार लिया जा रहा है

अधिकारियों के अनुसार, कॉलोनी को वैध करने के बाद ही वहां स्थायी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।


कॉलोनाइजर की भूमिका पर सवाल

इस पूरे मामले में कॉलोनाइजर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। रहवासियों का आरोप है कि—

  • कॉलोनाइजर ने नियमों की अनदेखी कर प्लॉट बेचे
  • खरीदारों को भविष्य के खर्चों की जानकारी नहीं दी
  • अब पूरा आर्थिक बोझ आम जनता पर डाला जा रहा है

कुछ लोग कॉलोनाइजर पर कार्रवाई की मांग भी कर रहे हैं।


विरोध और ज्ञापन की तैयारी

नाराज कॉलोनीवासी अब—

  • नगर निगम
  • जिला प्रशासन
  • राज्य शासन

को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। उनकी मांग है कि—

  • विकास शुल्क में राहत दी जाए
  • किश्तों में भुगतान की सुविधा मिले
  • कॉलोनाइजर से भी जवाबदेही तय की जाए

विशेषज्ञों की राय

नगर नियोजन विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों में यह समस्या आम है। नियमों की अनदेखी कर बेची गई जमीन का खामियाजा अंततः खरीदारों को ही भुगतना पड़ता है।


निष्कर्ष

न्यू स्वागत विहार कॉलोनी का मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि बिना पूरी जानकारी और वैधानिक प्रक्रिया के जमीन खरीदना भविष्य में भारी आर्थिक संकट का कारण बन सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आम लोगों को कितनी राहत देता है।

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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल

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