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नया आदेश: राजनांदगांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद और धमतरी में जमीन की कीमतों में कटौती

📑 इस लेख मेंराजनांदगांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद और धमतरी में जमीन की गाइडलाइन दरें घटीं, नए आदेश से रजिस्ट्री सस्ती होगी, आम लोगों और निवेशकों को राहत।किन जिलों में…

📅 5 February 2026, 11:20 am अपडेट: 16 May 2026
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राजनांदगांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद और धमतरी में जमीन की गाइडलाइन दरें घटीं, नए आदेश से रजिस्ट्री सस्ती होगी, आम लोगों और निवेशकों को राहत।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के चार जिलों — राजनांदगांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद और धमतरी — में जमीन की गाइडलाइन दरों में कमी करने का आदेश जारी किया है। राज्य शासन के इस नए आदेश के बाद इन जिलों में भूमि की सरकारी दरों में औसतन गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम लोगों, किसानों और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है।

राज्य वाणिज्यिक कर एवं पंजीयन विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह संशोधित दरें संबंधित जिलों के चयनित ग्रामों, नगरों और विकासशील क्षेत्रों में लागू की गई हैं। नई दरों के आधार पर अब रजिस्ट्री और स्टांप शुल्क की गणना की जाएगी।

किन जिलों में घटाई गई दरें

आदेश के अनुसार जिन जिलों में जमीन की कीमतों में कटौती की गई है, उनमें—

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वास्तु शास्त्र के प्रामाणिक उपाय

  • राजनांदगांव
  • बलौदाबाजार-भाटापारा
  • गरियाबंद
  • धमतरी

शामिल हैं। इन जिलों में अलग-अलग क्षेत्रवार गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण किया गया है।

आम लोगों को मिलेगी राहत

जमीन की सरकारी कीमत घटने से सबसे अधिक फायदा उन लोगों को मिलेगा, जो मकान निर्माण, प्लॉट खरीद या छोटे निवेश के उद्देश्य से जमीन खरीदना चाहते हैं। अब रजिस्ट्री के समय कम गाइडलाइन दर के आधार पर स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क भी कम देना होगा।

विशेष रूप से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि बाजार दरों की तुलना में सरकारी गाइडलाइन दरें अधिक तय कर दी गई थीं, जिससे रजिस्ट्री कराना आम लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था।

रियल एस्टेट सेक्टर को भी राहत

रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि जमीन की दरों में कटौती से प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती दूर होगी। प्लॉटिंग प्रोजेक्ट, आवासीय कॉलोनियों और छोटे बिल्डरों को नए प्रोजेक्ट शुरू करने में मदद मिलेगी।

डेवलपर्स के अनुसार, पिछले कुछ समय से अधिक गाइडलाइन दरों के कारण रजिस्ट्री की संख्या में गिरावट देखी जा रही थी। नई दरें लागू होने के बाद लेन-देन बढ़ने की संभावना है।

जिला स्तर पर लागू होंगी संशोधित सूची

राज्य शासन द्वारा सभी संबंधित कलेक्टरों और पंजीयन अधिकारियों को संशोधित गाइडलाइन दरों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। अब सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में रजिस्ट्री इन्हीं नई दरों के आधार पर की जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधन केवल निर्धारित क्षेत्रों में ही लागू होगा। प्रत्येक जिले में क्षेत्रवार नई दरों की सूची अलग-अलग जारी की गई है।

किसानों और छोटे भू-स्वामियों को राहत

जमीन की कीमत घटने से किसानों और छोटे भू-स्वामियों को भी राहत मिलेगी, जो पारिवारिक बंटवारे, नामांतरण या सीमित क्षेत्र की भूमि की रजिस्ट्री कराना चाहते हैं। अब उन्हें कम स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क देना होगा।

प्रशासन का मानना है कि इससे वैध रजिस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा और अवैध लेन-देन पर भी अंकुश लगेगा।

पहले भी हो चुका है पुनरीक्षण

गौरतलब है कि राज्य में समय-समय पर जमीन की गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण किया जाता है। स्थानीय बाजार मूल्य, क्षेत्र के विकास, सड़क और बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नई दरें तय की जाती हैं।

इस बार चार जिलों में बाजार स्थितियों को देखते हुए दरों में कटौती का निर्णय लिया गया है।

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