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शासन ने पूछा – 6 प्रमुख नदियों को कितने नाले कर रहे हैं प्रदूषित, मांगी विस्तृत रिपोर्ट

📑 इस लेख मेंनगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों से 6 प्रमुख नदियों में गिरने वाले नालों की संख्या और प्रदूषण की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।इन 6 प्रमुख नदियों…

📅 24 January 2026, 10:56 am अपडेट: 16 May 2026
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नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों से 6 प्रमुख नदियों में गिरने वाले नालों की संख्या और प्रदूषण की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियों के बढ़ते प्रदूषण को लेकर राज्य सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को पत्र जारी कर यह जानकारी मांगी है कि उनके क्षेत्र में बहने वाली 6 प्रमुख नदियों में कितने नाले सीधे गंदा पानी गिरा रहे हैं और इससे कितना प्रदूषण फैल रहा है।

शासन ने स्पष्ट किया है कि नदियों के संरक्षण और स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए यह सर्वे और रिपोर्ट अनिवार्य है। सभी नगरीय निकायों को तय समय सीमा के भीतर विस्तृत जानकारी शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।


इन 6 प्रमुख नदियों पर विशेष फोकस

सूत्रों के अनुसार जिन नदियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, उनमें प्रमुख रूप से—

  • महानदी
  • शिवनाथ
  • खारून
  • हसदेव
  • इंद्रावती
  • अरपा

इन नदियों में शहरी क्षेत्रों से निकलने वाले नालों के कारण घरेलू सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट और ठोस कचरा लगातार बहाया जा रहा है, जिससे जल गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है।


क्या-क्या जानकारी मांगी गई है?

नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों से निम्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी है—

  • नदी में गिरने वाले कुल नालों की संख्या
  • कितने नाले सीधे बिना उपचार के गंदा पानी छोड़ रहे हैं
  • नालों से प्रतिदिन कितना सीवेज नदी में जा रहा है
  • किन-किन स्थानों पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) मौजूद हैं
  • किन नालों को ट्रीटमेंट से जोड़ने की योजना है

साथ ही यह भी पूछा गया है कि किन क्षेत्रों में जल्द रोकथाम की आवश्यकता है।


स्वच्छ नदियों के लिए बनेगी ठोस कार्ययोजना

विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कवायद आगामी राज्य स्तरीय नदी संरक्षण योजना की तैयारी के तहत की जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर—

  • प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख नालों की पहचान की जाएगी
  • नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे
  • नालों को डायवर्ट कर उपचारित जल ही नदी में छोड़ा जाएगा
  • नगर निकायों की जवाबदेही तय की जाएगी

सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।


समय पर रिपोर्ट नहीं देने पर कार्रवाई संभव

शासन ने स्पष्ट किया है कि—

  • तय समय सीमा में रिपोर्ट नहीं देने वाले निकायों पर कार्रवाई हो सकती है
  • लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी
  • भविष्य में नदी प्रदूषण को लेकर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी

इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


विशेषज्ञों ने बताया जरूरी कदम

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि—

  • शहरी नालों का सीधा नदी में गिरना सबसे बड़ा प्रदूषण स्रोत है
  • बिना उपचार के छोड़ा गया सीवेज जलीय जीवन को नुकसान पहुंचाता है
  • समय रहते रोकथाम नहीं हुई तो पेयजल संकट और गंभीर हो सकता है

सरकार की यह पहल दीर्घकालीन जल संरक्षण नीति के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है।

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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल

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