विरात महानगर NEWS आपका शहर · आपकी खबर
📄 ई-पेपर
⚡ ब्रेकिंग
बाथरूम और शौचालय वास्तु — 10 नियम: घर में सुख-समृद्धि के लिए रखें इन बातों का ध्यान क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड: फायदे-नुकसान और कौन सा है बेहतर विकल्प | विरात महानगर बैंक PO तैयारी: सफलता का पूरा प्लान और सटीक रणनीति मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली और आहार से शुगर को कैसे करें नियंत्रित बाथरूम और शौचालय वास्तु — 10 नियम जो लाएंगे सुख-समृद्धि मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली और आहार से शुगर को कैसे करें प्रबंधित SSC CGL 2026: परीक्षा की तैयारी के लिए संपूर्ण गाइड और रणनीति घर के मुख्य द्वार वास्तु: 12 अचूक नियम जो लाएंगे सुख-समृद्धि बाथरूम और शौचालय वास्तु — 10 नियम: घर में सुख-समृद्धि के लिए रखें इन बातों का ध्यान क्रेडिट कार्ड डेबिट कार्ड: फायदे-नुकसान और कौन सा है बेहतर विकल्प | विरात महानगर बैंक PO तैयारी: सफलता का पूरा प्लान और सटीक रणनीति मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली और आहार से शुगर को कैसे करें नियंत्रित बाथरूम और शौचालय वास्तु — 10 नियम जो लाएंगे सुख-समृद्धि मधुमेह नियंत्रण आयुर्वेदिक उपाय: जीवनशैली और आहार से शुगर को कैसे करें प्रबंधित SSC CGL 2026: परीक्षा की तैयारी के लिए संपूर्ण गाइड और रणनीति घर के मुख्य द्वार वास्तु: 12 अचूक नियम जो लाएंगे सुख-समृद्धि

94-करोड़ में बना ईएसआईसी अस्पताल दो साल बाद भी अधूरा: न पानी, न पहुंच, इसलिए 100 बेड के अस्पताल में भर्ती नहीं; ओपीडी में औसतन 4 मरीजों के लिए आठ डॉक्टर

📑 इस लेख में94 करोड़ से बने रायपुर ईएसआईसी अस्पताल में दो साल बाद भी भर्ती शुरू नहीं हो सकी है। पानी और पहुंच की कमी से ओपीडी…

📅 11 February 2026, 10:57 am अपडेट: 16 May 2026
⏱ 1 मिनट पढ़ें
77

94 करोड़ से बने रायपुर ईएसआईसी अस्पताल में दो साल बाद भी भर्ती शुरू नहीं हो सकी है। पानी और पहुंच की कमी से ओपीडी में बेहद कम मरीज आ रहे हैं।

रायपुर। राजधानी रायपुर में श्रमिकों और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से 94 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया ईएसआईसी अस्पताल दो साल बाद भी पूरी तरह शुरू नहीं हो सका है। हालात यह हैं कि 100 बिस्तरों की क्षमता वाला यह अस्पताल आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को भर्ती नहीं कर पा रहा है।

अस्पताल भवन तैयार होने के बावजूद न तो यहां पर्याप्त पानी की व्यवस्था है और न ही अस्पताल तक पहुंचने के लिए ठीक सड़क और परिवहन सुविधा उपलब्ध है। इसके चलते अस्पताल का संचालन नाम मात्र का रह गया है।

पानी और पहुंच की सबसे बड़ी समस्या

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल परिसर में अब तक स्थायी जलापूर्ति व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। कई बार टैंकर के जरिए अस्थायी रूप से पानी की व्यवस्था की जाती है, जो अस्पताल जैसे संस्थान के लिए नाकाफी मानी जा रही है।

इसके अलावा अस्पताल तक पहुंचने वाला मार्ग भी बदहाल स्थिति में है। बरसात के दिनों में सड़क पर जलभराव और गड्ढों के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी होती है।

100 बेड, लेकिन भर्ती शून्य

ईएसआईसी अस्पताल में 100 बेड तैयार होने के बावजूद किसी भी मरीज को भर्ती नहीं किया जा रहा है। कारण साफ है—पानी, बुनियादी सुविधा और पूर्ण तकनीकी व्यवस्थाओं का अभाव। अस्पताल में केवल सीमित स्तर पर ओपीडी सेवा संचालित की जा रही है।

ओपीडी में मरीज कम, डॉक्टर ज्यादा

सबसे चौंकाने वाली स्थिति यह है कि ओपीडी में रोजाना औसतन केवल 4 मरीज ही पहुंच रहे हैं, जबकि वहां 8 डॉक्टरों की तैनाती की गई है। संसाधनों और मानव शक्ति के इस असंतुलन पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अस्पताल तक पहुंचना ही मुश्किल है और भर्ती सुविधा नहीं है, तो लोग मजबूरी में निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं।

श्रमिकों को नहीं मिल पा रहा लाभ

ईएसआईसी अस्पताल का मुख्य उद्देश्य संगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों को सस्ती और बेहतर चिकित्सा सुविधा देना है। लेकिन अस्पताल के अधूरे संचालन के कारण श्रमिकों को अब भी निजी अस्पतालों में महंगे इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।

करोड़ों की लागत पर उठे सवाल

94 करोड़ रुपए की लागत से बने इस अस्पताल को लेकर अब यह सवाल उठने लगे हैं कि जब भवन लगभग तैयार था, तब बुनियादी सुविधाओं की योजना क्यों नहीं बनाई गई। स्वास्थ्य विभाग और संबंधित निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रशासन का पक्ष

अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में पानी की स्थायी व्यवस्था और सड़क कनेक्टिविटी को लेकर संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है। जल्द ही बुनियादी सुविधाएं पूरी कर अस्पताल को पूरी क्षमता से शुरू करने का दावा किया जा रहा है।

जनता में नाराजगी

स्थानीय नागरिकों और श्रमिक संगठनों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अस्पताल को पूरी तरह शुरू नहीं किया गया तो यह परियोजना केवल एक दिखावटी भवन बनकर रह जाएगी।

जल्द शुरू होने की उम्मीद

प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आवश्यक कार्य पूरे होते ही भर्ती सेवाएं शुरू की जाएंगी और ईएसआईसी अस्पताल को वास्तविक रूप में जनता के लिए उपयोगी बनाया जाएगा।

100 बेड अस्पताल, cg news, raipur news, अस्पताल निर्माण, ईएसआईसी अस्पताल, ओपीडी, छत्तीसगढ़ न्यूज, रायपुर, श्रमिक स्वास्थ्य, सरकारी अस्पताल — संक्षेप और और पढ़ें

100 बेड अस्पताल, cg news, raipur news, अस्पताल निर्माण, ईएसआईसी अस्पताल, ओपीडी, छत्तीसगढ़ न्यूज, रायपुर, श्रमिक स्वास्थ्य, सरकारी अस्पताल के बारे में और जानकारी के लिए नीचे दी गई संबंधित खबरें पढ़ें। विरात महानगर पर 100 बेड अस्पताल, cg news, raipur news, अस्पताल निर्माण, ईएसआईसी अस्पताल, ओपीडी, छत्तीसगढ़ न्यूज, रायपुर, श्रमिक स्वास्थ्य, सरकारी अस्पताल से जुड़ी अद्यतन रिपोर्टिंग पढ़ें।

संबंधित खबरें:

स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल

💬

आपकी राय जरूरी है

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया WhatsApp / Telegram पर भेजें — हम पढ़ते हैं, जवाब देते हैं, और बेहतर खबरें लाते हैं।

अन्य श्रेणियों से ताज़ा

💬WhatsApp Telegram 📘Facebook