ओवरब्रिज के नीचे अवैध कब्जों की मार गैरेज और झुग्गियां नहीं हटीं, इसलिए महीनेभर बाद भी आबाद नहीं हो सकी चौपाटी
📑 इस लेख मेंरायपुर में ओवरब्रिज के नीचे बनी चौपाटी गैरेज और झुग्गियों के कारण आबाद नहीं हो सकी, एक माह बाद भी अतिक्रमण बड़ी बाधा बना।चौपाटी योजना…
रायपुर में ओवरब्रिज के नीचे बनी चौपाटी गैरेज और झुग्गियों के कारण आबाद नहीं हो सकी, एक माह बाद भी अतिक्रमण बड़ी बाधा बना।
रायपुर। राजधानी रायपुर में शहरी सौंदर्यीकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई चौपाटी योजना अब अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। ओवरब्रिज के नीचे विकसित की गई चौपाटी को शुरू हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक यह पूरी तरह आबाद नहीं हो सकी है। इसकी सबसे बड़ी वजह है—अवैध गैरेज और झुग्गियों का नहीं हटाया जाना।
नगर निगम और जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते चौपाटी का बड़ा हिस्सा आज भी अतिक्रमण की चपेट में है, जिससे न तो दुकानदार वहां शिफ्ट हो पा रहे हैं और न ही आम लोग इस सुविधा का पूरा लाभ ले पा रहे हैं।
चौपाटी योजना का उद्देश्य
शहर में स्ट्रीट फूड कल्चर को व्यवस्थित करने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने और ट्रैफिक बाधाओं को कम करने के लिए ओवरब्रिज के नीचे चौपाटी विकसित की गई थी। योजना के तहत—
- छोटे दुकानदारों को निर्धारित स्थान
- साफ-सुथरा और सुरक्षित फूड जोन
- रात में रोशनी और बैठने की व्यवस्था
जैसी सुविधाएं देने का दावा किया गया था।
अतिक्रमण बना सबसे बड़ी बाधा
हालांकि, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। चौपाटी के आसपास और भीतर—
- पुराने वाहन गैरेज
- अस्थायी झुग्गियां
- कबाड़ और अवैध निर्माण
अब भी मौजूद हैं। इन्हें हटाने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
दुकानदारों में नाराजगी
चौपाटी में दुकान आवंटन पाने वाले दुकानदारों का कहना है कि—
“जब तक गैरेज और झुग्गियां नहीं हटेंगी, ग्राहक यहां नहीं आएंगे। गंदगी और असुरक्षा के कारण हम दुकान शुरू नहीं कर पा रहे हैं।”
कई दुकानदारों ने बताया कि वे किराया और अन्य खर्च उठाने की स्थिति में नहीं हैं, जबकि बिक्री शुरू ही नहीं हो पाई है।
सुरक्षा और स्वच्छता पर सवाल
अतिक्रमण के कारण—
- गंदगी का अंबार
- खुले में कचरा
- असामाजिक तत्वों की आवाजाही
जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। इससे महिलाओं और परिवारों का यहां आना-जाना कम है, जो किसी भी चौपाटी की सफलता के लिए बेहद जरूरी होता है।
नगर निगम की सफाई
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि—
“अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया चल रही है। कुछ तकनीकी और मानवीय कारणों से कार्रवाई में देरी हुई है, लेकिन जल्द ही गैरेज और झुग्गियों को हटाया जाएगा।”
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जवाब पिछले कई हफ्तों से दिया जा रहा है, लेकिन जमीन पर कोई बदलाव नहीं दिख रहा।
स्थानीय लोगों की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- अवैध गैरेज तत्काल हटाए जाएं
- झुग्गीवासियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए
- चौपाटी क्षेत्र में नियमित सफाई और पुलिस गश्त हो
ताकि यह योजना अपने उद्देश्य में सफल हो सके।
स्मार्ट सिटी के दावों पर सवाल
रायपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन चौपाटी जैसी छोटी योजना का समय पर क्रियान्वयन न होना इन दावों पर सवाल खड़े करता है। अगर अतिक्रमण हटाने और प्रबंधन में तेजी नहीं लाई गई, तो यह चौपाटी भी कागजों तक ही सीमित रह जाएगी।
निष्कर्ष
ओवरब्रिज के नीचे बनी चौपाटी रायपुर के लिए एक अच्छी पहल थी, लेकिन गैरेज और झुग्गियों के कारण यह योजना अधर में लटकी हुई है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक ठोस कार्रवाई कर इसे आम जनता और दुकानदारों के लिए उपयोगी बना पाता है।
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