बुनियादी सुविधाओं को तरसते महाविद्यालय
📑 इस लेख मेंराजनांदगांव के महाविद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, बरामदे में कक्षाएं, पंचायत भवन में कार्यालय, प्राचार्य कक्ष में स्टाफ बैठने को मजबूरबरामदे में लग रही…
राजनांदगांव के महाविद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, बरामदे में कक्षाएं, पंचायत भवन में कार्यालय, प्राचार्य कक्ष में स्टाफ बैठने को मजबूर
रायपुर / राजनांदगांव। उच्च शिक्षा के विस्तार के दावों के बीच जिले के कई शासकीय महाविद्यालय बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। कहीं बरामदे में कक्षाएं संचालित हो रही हैं तो कहीं पंचायत भवन में कॉलेज का दफ्तर चलाया जा रहा है। स्थिति यह है कि प्राचार्य कक्ष में ही स्टाफ बैठकर काम करने को मजबूर है। इन हालातों के कारण छात्रों और शिक्षकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 🎓
बरामदे में लग रही कक्षाएं
कई महाविद्यालयों में पर्याप्त कक्ष नहीं होने के कारण बरामदे में ही कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। गर्मी के मौसम में छात्रों को खुले में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है।
छात्रों का कहना है कि:
- तेज गर्मी में पढ़ाई मुश्किल
- शोर-शराबे से पढ़ाई प्रभावित
- बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं
इन समस्याओं के कारण शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। ☀️
पंचायत भवन में चल रहा कॉलेज का दफ्तर
कुछ महाविद्यालयों में भवन की कमी के चलते पंचायत भवन में ही कॉलेज का कार्यालय संचालित किया जा रहा है। इससे प्रशासनिक कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
अधिकारियों के अनुसार, अस्थायी व्यवस्था के तहत पंचायत भवन का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन लंबे समय से स्थायी भवन नहीं बन पाने से परेशानी बनी हुई है।
प्राचार्य कक्ष में बैठ रहा स्टाफ
स्थिति इतनी गंभीर है कि कई जगहों पर प्राचार्य कक्ष में ही पूरा स्टाफ बैठकर काम कर रहा है। इससे न तो गोपनीयता बनी रहती है और न ही प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से हो पाते हैं।
शिक्षकों का कहना है कि:
- अलग स्टाफ रूम नहीं
- बैठक कक्ष नहीं
- रिकॉर्ड रखने की पर्याप्त जगह नहीं
इससे कार्य करने में कठिनाई होती है।
छात्रों की संख्या बढ़ी, सुविधाएं नहीं
महाविद्यालयों में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया है। नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं, लेकिन उनके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। 📚
प्रयोगशालाओं की भी कमी
कई महाविद्यालयों में प्रयोगशालाओं की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है। विज्ञान विषयों के छात्रों को प्रयोगात्मक कार्य करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन से मांग
छात्रों और शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- नए भवन बनाए जाएं
- अतिरिक्त कक्ष बनाए जाएं
- स्टाफ रूम और कार्यालय की व्यवस्था हो
- मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं
शिक्षा की गुणवत्ता पर असर
बुनियादी सुविधाओं के अभाव में शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च शिक्षा के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है।
विकास के दावों पर सवाल
सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के विस्तार के दावों के बीच यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है। छात्र और अभिभावक बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
जल्द समाधान की उम्मीद
अधिकारियों का कहना है कि नए भवनों के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं और जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। 🏫
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स्रोत / और पढ़ें: भारत सरकार पोर्टल
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