सीबीएसई ने कक्षा 3 से 8 तक एआई और कंप्यूटेशनल थिंकिंग कोर्स शुरू किया, 9वीं से 12वीं तक का मॉड्यूल एनसीईआरटी तैयार करेगा
रायपुर। शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी बदलाव को बढ़ावा देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर नया कोर्स लॉन्च किया है। इस नई पहल के तहत अब कक्षा 3 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को एआई और कंप्यूटेशनल थिंकिंग की शुरुआती शिक्षा दी जाएगी, जबकि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए मॉड्यूल तैयार करने का काम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा किया जा रहा है। 🤖📚
इस पहल का उद्देश्य छात्रों को शुरुआती स्तर से ही डिजिटल और तकनीकी कौशल से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार हो सकें। नई शिक्षा नीति के तहत भी तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
कक्षा 3 से शुरू होगी एआई की पढ़ाई
सीबीएसई के इस नए कोर्स में कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों को कंप्यूटेशनल थिंकिंग की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। इसमें छात्रों को:
- समस्या समाधान कौशल
- तार्किक सोच
- डिजिटल समझ
- सरल प्रोग्रामिंग अवधारणाएं
जैसे विषयों से परिचित कराया जाएगा।
कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को एआई के बुनियादी सिद्धांतों, डेटा, मशीन लर्निंग और डिजिटल टूल्स की प्रारंभिक जानकारी दी जाएगी।
9वीं से 12वीं तक एनसीईआरटी बनाएगा मॉड्यूल
कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए एनसीईआरटी विस्तृत मॉड्यूल तैयार कर रहा है। इसमें:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- मशीन लर्निंग
- डेटा साइंस
- रोबोटिक्स
- कोडिंग
जैसे विषय शामिल किए जाएंगे। इससे छात्रों को तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के लिए शुरुआती तैयारी मिलेगी। 💻
शिक्षकों को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण
इस नई पहल के तहत शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षकों को:
- डिजिटल टूल्स का उपयोग
- एआई आधारित शिक्षा
- कंप्यूटेशनल थिंकिंग
की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे छात्रों को बेहतर तरीके से पढ़ा सकें।
छात्रों को मिलेगा भविष्य का कौशल
विशेषज्ञों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक है। ऐसे में स्कूल स्तर पर इसकी पढ़ाई शुरू होने से छात्रों को:
- तकनीकी ज्ञान
- करियर के नए अवसर
- डिजिटल कौशल
- नवाचार क्षमता
मिलेगी।
नई शिक्षा नीति से जुड़ी पहल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों को व्यावहारिक और कौशल आधारित शिक्षा देने पर जोर दिया गया है। यह नया एआई कोर्स इसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
स्कूलों में बढ़ेगी तकनीकी शिक्षा
रायपुर सहित देशभर के सीबीएसई स्कूलों में इस कोर्स को धीरे-धीरे लागू किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों को:
- डिजिटल लैब
- कंप्यूटर सुविधा
- प्रशिक्षित शिक्षक
उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
छात्रों और अभिभावकों में उत्साह
इस नई पहल को लेकर छात्रों और अभिभावकों में उत्साह देखा जा रहा है। उनका मानना है कि एआई की पढ़ाई से छात्रों का भविष्य बेहतर होगा और वे नई तकनीकों को समझ पाएंगे। 🌟
भविष्य की शिक्षा में बड़ा बदलाव
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव लाएगी और छात्रों को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करेगी।

