रायपुर में निजी स्कूलों ने RTE आवेदन सत्यापन से इंकार किया, प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को लेकर असहयोग आंदोलन तेज, विभागीय कार्यों में सहयोग नहीं।
RTE प्रक्रिया पर बढ़ा विवाद
रायपुर में राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत आवेदन सत्यापन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निजी स्कूलों ने RTE आवेदन के सत्यापन से साफ इनकार कर दिया है।
इस फैसले से शिक्षा विभाग और निजी स्कूलों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।
प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग
निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि बेहद कम है।
उनका दावा है कि वर्तमान राशि से छात्रों की शिक्षा और सुविधाओं का खर्च पूरा करना संभव नहीं है।
असहयोग आंदोलन तेज
मांगों को लेकर निजी स्कूलों ने असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया है।
स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे विभागीय कार्यों में सहयोग नहीं करेंगे।
सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित
निजी स्कूलों के इस फैसले का सीधा असर RTE आवेदन प्रक्रिया पर पड़ रहा है।
सत्यापन कार्य रुकने से हजारों छात्रों के प्रवेश में देरी होने की संभावना है।
शिक्षा विभाग की चिंता
शिक्षा विभाग ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और स्कूल प्रबंधन से बातचीत के प्रयास शुरू किए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द समाधान निकालना जरूरी है।
अभिभावकों की बढ़ी चिंता
इस विवाद से अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है।
वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द समाधान निकले, ताकि उनके बच्चों का प्रवेश प्रभावित न हो।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
निजी स्कूल संचालकों ने सरकार से हस्तक्षेप कर प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जब तक आर्थिक संतुलन नहीं बनेगा, तब तक व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाएगी।
समाधान की उम्मीद
दोनों पक्षों के बीच जल्द ही बातचीत होने की संभावना है।
उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस विवाद का समाधान निकाल लिया जाएगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

