छत्तीसगढ़ काउंसिल ने कोरोनाकाल में ऑनलाइन MBBS करने वालों पर सख्ती बढ़ाई, अब उन्हें विदेश जाकर पढ़ाई पूरी करनी होगी, तभी मान्यता मिलेगी।
ऑनलाइन MBBS डिग्री पर सख्ती
रायपुर में छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल ने कोरोनाकाल के दौरान विदेश से ऑनलाइन माध्यम से MBBS करने वाले छात्रों पर सख्ती बढ़ा दी है।
अब ऐसे छात्रों को अपनी पढ़ाई संबंधित देश में जाकर ऑफलाइन पूरी करनी होगी, तभी उनकी डिग्री को मान्यता दी जाएगी।
कोरोनाकाल में ऑनलाइन पढ़ाई का मामला
कोरोना महामारी के दौरान कई छात्रों ने विदेश के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेकर ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई की थी।
लेकिन अब काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि केवल ऑनलाइन पढ़ाई के आधार पर मेडिकल डिग्री को मान्यता नहीं दी जा सकती।
विदेश जाकर पढ़ाई पूरी करना होगा जरूरी
काउंसिल के निर्देश के अनुसार छात्रों को संबंधित देश में जाकर शेष पाठ्यक्रम पूरा करना होगा।
इसके बाद ही वे भारत में चिकित्सा अभ्यास के लिए पात्र माने जाएंगे।
मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर
काउंसिल का कहना है कि यह फैसला मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
ऑनलाइन माध्यम से पूरी पढ़ाई करने पर व्यावहारिक प्रशिक्षण की कमी रह जाती है।
छात्रों के सामने नई चुनौती
इस फैसले से कई छात्रों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
उन्हें अब विदेश जाकर पढ़ाई पूरी करने के लिए अतिरिक्त खर्च और समय देना होगा।
अभिभावकों में चिंता
छात्रों के अभिभावकों ने इस फैसले पर चिंता जताई है।
उनका कहना है कि पहले ही भारी फीस देने के बाद अब अतिरिक्त खर्च उठाना कठिन होगा।
काउंसिल ने दी सफाई
काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय छात्रों के हित और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सही प्रशिक्षण के बिना डॉक्टर बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
आगे भी सख्ती जारी रहेगी
काउंसिल ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी मेडिकल शिक्षा से जुड़े नियमों में सख्ती बरती जाएगी।
ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहे और योग्य डॉक्टर ही सेवा में आएं।

