रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में 11 वर्षीय बच्चे के दिल के पास चिपके स्टेज-3 थायमिक कैंसर का सफल ऑपरेशन, दुर्लभ सर्जरी ने बनाया रिकॉर्ड।
जटिल सर्जरी से बची बच्चे की जान
राजधानी रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 11 साल के बच्चे की जान बचाई।
बच्चा स्टेज-3 इनवेसिव थायमिक कैंसर से पीड़ित था, जिसमें ट्यूमर दिल के बाईं एट्रियम (Left Atrium) से चिपका हुआ था।
दिल के पास था खतरनाक ट्यूमर
डॉक्टरों के अनुसार यह मामला बेहद गंभीर था क्योंकि ट्यूमर दिल के अत्यंत संवेदनशील हिस्से से जुड़ा हुआ था।
ऐसी स्थिति में सर्जरी करना काफी जोखिम भरा होता है, क्योंकि जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है।
विशेषज्ञ टीम ने किया ऑपरेशन
इस जटिल ऑपरेशन को अंबेडकर अस्पताल के अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने मिलकर अंजाम दिया।
सर्जरी के दौरान अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया, जिससे ट्यूमर को सावधानीपूर्वक हटाया जा सका।
स्टेज-3 इनवेसिव थायमिक कैंसर का मामला
डॉक्टरों ने बताया कि यह स्टेज-3 इनवेसिव थायमिक कैंसर का मामला था, जिसमें ट्यूमर आसपास के अंगों में फैलने लगता है।
ऐसे मामलों में समय पर उपचार और सर्जरी बेहद जरूरी होती है।
वर्ल्ड रिकॉर्ड जैसा दावा
इस सर्जरी को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि इस तरह के जटिल केस में सफल ऑपरेशन बहुत ही दुर्लभ होता है और इसे वर्ल्ड रिकॉर्ड जैसी उपलब्धि माना जा रहा है।
हालांकि आधिकारिक पुष्टि के लिए विस्तृत मेडिकल दस्तावेजों का मूल्यांकन किया जाएगा।
बच्चे की हालत अब स्थिर
सफल ऑपरेशन के बाद बच्चे की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और धीरे-धीरे वह स्वस्थ हो रहा है।
मेडिकल क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि
यह सफलता न केवल अस्पताल के लिए बल्कि पूरे राज्य के मेडिकल क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इससे यह साबित हुआ है कि प्रदेश में भी जटिल से जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की जा सकती है।
परिवार और डॉक्टरों में खुशी
बच्चे के सफल इलाज के बाद उसके परिवार में खुशी का माहौल है।
वहीं डॉक्टरों की टीम ने भी इस सफलता को सामूहिक प्रयास और समर्पण का परिणाम बताया।

