रायपुर के परसुलीडीह में 10 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग का खुलासा, एजेंट 1000-1200 रुपए प्रति फीट में जमीन बेचकर लोगों को झांसा दे रहे हैं।
परसुलीडीह में अवैध प्लॉटिंग का मामला उजागर
राजधानी रायपुर के परसुलीडीह क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग का बड़ा मामला सामने आया है। यहां करीब 10 एकड़ से अधिक भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति के प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर एजेंटों द्वारा खुलेआम बिक्री की जा रही है, जिससे कई लोग इस जाल में फंस रहे हैं।
1000 से 1200 रुपए प्रति फीट में बिक्री
जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में जमीन की कीमत 1000 से 1200 रुपए प्रति वर्गफुट बताकर ग्राहकों को आकर्षित किया जा रहा है।
कम कीमत और भविष्य में मूल्य बढ़ने के लालच में लोग इन प्लॉट्स को खरीदने के लिए आगे आ रहे हैं, जबकि इनकी वैधता संदिग्ध है।
‘नगर निगम में शामिल होने’ का झांसा
एजेंट ग्राहकों को यह कहकर भरोसा दिला रहे हैं कि यह क्षेत्र जल्द ही नगर निगम सीमा में शामिल हो जाएगा।
इसी बहाने लोगों को भविष्य में बेहतर सुविधाएं मिलने का सपना दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
नियमों की अनदेखी कर हो रही प्लॉटिंग
अवैध प्लॉटिंग के लिए आवश्यक अनुमति, लेआउट स्वीकृति और अन्य नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
बिना किसी सरकारी मंजूरी के प्लॉट काटकर बेचना न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि खरीदारों के लिए जोखिम भरा भी है।
खरीदारों के लिए बढ़ा खतरा
ऐसे मामलों में जमीन खरीदने वाले लोगों को भविष्य में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव के साथ-साथ कानूनी विवादों में फंसने का भी खतरा बना रहता है।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी जमीन पर अवैध प्लॉटिंग लंबे समय से चल रही है, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और जागरूक लोगों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में शामिल एजेंटों और भूमाफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि लोगों को ठगी से बचाया जा सके।
विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
रियल एस्टेट विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी जमीन को खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पूरी जांच करें।
सरकारी रिकॉर्ड, नक्शा स्वीकृति और अन्य दस्तावेजों की पुष्टि किए बिना निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

