महासमुंद के गढ़फुलझर स्थित नानकसागर गुरुद्वारा में होला मोहल्ला कार्यक्रम और भूमि पूजन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समाजसेवी गुरुचरण सिंह होरा को सम्मानित किया।
गढ़फुलझर में श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजन
महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा गढ़फुलझर (नानकसागर) में भूमि पूजन एवं होला मोहल्ला कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में सिख समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा परिसर में भक्ति, सेवा और एकता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। सिख समाज के लोगों ने गुलाबी रंग की पगड़ी पहनकर अपनी एकजुटता और उत्सव की भावना का प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ कृषि मंत्री राम विचार नेताम, बसना विधायक सम्पत अग्रवाल, बीज निगम के अध्यक्ष चन्द्रहास चंद्राकर, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
इसके अलावा ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन एवं वरिष्ठ समाजसेवी सरदार गुरुचरण सिंह होरा, समाजसेवी बलदेव सिंह भाटिया, भाजपा जिला अध्यक्ष येतराम साहू, डॉ. भगवान सिंह खोजी, ज्ञानी हरदीप सिंह सहित कई सामाजिक और धार्मिक प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहे।
भूमि पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत गुरुद्वारा परिसर में विधिवत भूमि पूजन के साथ हुई। धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना कर नए निर्माण कार्यों के लिए अरदास की गई।
इसके बाद होला मोहल्ला पर्व के अवसर पर कीर्तन, गुरबाणी पाठ और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने गुरु दरबार में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरुचरण सिंह होरा का हुआ सम्मान
इस अवसर पर सिख समाज की ओर से ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन और वरिष्ठ समाजसेवी सरदार गुरुचरण सिंह होरा का विशेष सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें समाज सेवा और धार्मिक गतिविधियों में योगदान के लिए स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके कार्यों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने नानकसागर को बताया पवित्र स्थल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुद्वारा पहुंचकर मत्था टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर स्थित नानकसागर अत्यंत पवित्र स्थल है, जहां गुरु नानक देव जी का आशीर्वाद जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि महान संतों और महापुरुषों की तपोभूमि रही है।
पर्यटन स्थल के रूप में होगा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि गढ़फुलझर क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास के लिए लगभग 2.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि नानकसागर क्षेत्र के विकास और पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार आगे भी सकारात्मक कदम उठाएगी।
गुरुचरण सिंह होरा ने बताया ऐतिहासिक महत्व
ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन सरदार गुरुचरण सिंह होरा ने अपने संबोधन में कहा कि नानकसागर गुरुद्वारा सिख समाज की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है।
उन्होंने बताया कि सिखों के प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी अपनी धार्मिक यात्राओं के दौरान यहां आए थे और गढ़फुलझर में कुछ समय बिताया था। इस कारण यह स्थान ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
समाज को जोड़ते हैं ऐसे आयोजन
गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि भूमि पूजन और होला मोहल्ला जैसे धार्मिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से इस गुरुद्वारा के विकास और धार्मिक गतिविधियों को और आगे बढ़ाया जाएगा।
भक्ति और सेवा का बना माहौल
कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने कीर्तन और गुरबाणी का आनंद लिया तथा लंगर प्रसाद ग्रहण किया।
क्षेत्र के विभिन्न गांवों और शहरों से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति से कार्यक्रम अत्यंत भव्य और सफल रहा।

