रायपुर में 108 एंबुलेंस भर्ती के नाम पर युवाओं से 10-10 हजार रुपये वसूलने का आरोप। सरकारी सेंटर में ट्रेनिंग के नाम पर वसूली का मामला सामने आया।
108 एंबुलेंस भर्ती को लेकर नया विवाद
राजधानी रायपुर में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। आरोप है कि नई एजेंसी के नाम पर युवाओं से नौकरी और ट्रेनिंग के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कई युवाओं से 10-10 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं और उन्हें सरकारी सेंटरों में ट्रेनिंग दिलाने का दावा किया जा रहा है।
ट्रेनिंग के नाम पर युवाओं से वसूली
जानकारी के अनुसार युवाओं को बताया जा रहा है कि 108 एंबुलेंस सेवा में नौकरी के लिए पहले ट्रेनिंग लेना जरूरी है। इसके लिए उनसे मोटी रकम ली जा रही है।
कई युवाओं ने आरोप लगाया है कि उनसे ट्रेनिंग फीस के नाम पर 10 हजार रुपये तक जमा कराए गए हैं, जबकि सरकारी प्रक्रिया में इस तरह की फीस का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं बताया गया।
सरकारी सेंटरों का नाम लेकर भरोसा
इस पूरे मामले में युवाओं को भरोसा दिलाने के लिए सरकारी संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों का नाम भी लिया जा रहा है।
युवाओं को बताया जाता है कि ट्रेनिंग सरकारी सेंटरों में दी जाएगी और उसके बाद उन्हें 108 एंबुलेंस सेवा में नौकरी मिल सकती है।
युवाओं में बढ़ी नाराजगी
मामला सामने आने के बाद कई युवाओं ने इस पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि रोजगार की तलाश में वे इस तरह की योजनाओं पर भरोसा कर लेते हैं और बाद में उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
कई युवाओं ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन से जांच की मांग
स्थानीय लोगों और युवाओं का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में कोई एजेंसी शामिल है तो उसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि ट्रेनिंग के नाम पर पैसे लेने का अधिकार किसे दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवा की छवि पर असर
108 एंबुलेंस सेवा राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। इस सेवा से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया में इस तरह के आरोप सामने आने से व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह की अवैध वसूली हो रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
युवाओं को सावधान रहने की सलाह
विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने युवाओं को सलाह दी है कि वे किसी भी भर्ती प्रक्रिया में पैसे जमा करने से पहले उसकी आधिकारिक जानकारी जरूर प्राप्त करें।
सरकारी नौकरी या सेवा से जुड़ी भर्ती के लिए आधिकारिक वेबसाइट और विभागीय नोटिस पर ही भरोसा करना चाहिए।

