रायपुर में 1 मई से जनगणना के तहत घरों की गिनती शुरू होगी। 5700 कर्मचारी तैनात रहेंगे और 2027 की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी।
1 मई से शुरू होगी घरों की गिनती
राजधानी रायपुर में आगामी जनगणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासन ने घोषणा की है कि 1 मई से शहर में घरों की गिनती का काम शुरू किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है ताकि कार्य निर्धारित समय में पूरा हो सके।
जनगणना की इस प्रक्रिया के तहत घरों, परिवारों और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।
5700 कर्मचारियों की होगी तैनाती
प्रशासन के अनुसार रायपुर जिले में घरों की गिनती और सर्वेक्षण के लिए लगभग 5700 कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। इन कर्मचारियों में शिक्षक, सरकारी कर्मचारी और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
इन सभी कर्मचारियों को पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे सर्वेक्षण कार्य को सही और व्यवस्थित तरीके से पूरा कर सकें।
डिजिटल होगी 2027 की जनगणना
सरकार ने घोषणा की है कि वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसके तहत डेटा संग्रहण के लिए मोबाइल एप और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा।
डिजिटल जनगणना से जानकारी को सुरक्षित रखने और तेजी से विश्लेषण करने में मदद मिलेगी।
घरों और सुविधाओं का होगा सर्वे
घर गिनती के दौरान कर्मचारियों द्वारा मकानों की संख्या, परिवार के सदस्यों की जानकारी, शिक्षा, रोजगार, पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।
यह डेटा सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इसके आधार पर विकास योजनाएं और सरकारी नीतियां तैयार की जाती हैं।
प्रशिक्षण और तैयारी पूरी
जनगणना कार्य में शामिल कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्हें डिजिटल उपकरणों के उपयोग और डेटा संग्रहण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि सही और सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों को पूरी तरह प्रशिक्षित किया जा रहा है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मचारियों को सही जानकारी देकर सहयोग करें।
जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिससे देश की आबादी, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सही आकलन किया जाता है।
विकास योजनाओं में मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का कहना है कि जनगणना के आंकड़े सरकार के लिए नीति निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं बनाई जाती हैं।
इसलिए नागरिकों का सहयोग इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए बेहद जरूरी है।

