महासमुंद के नानक सागर में 15 मार्च को होला मोहल्ला और गुरुद्वारा निर्माण के भूमिपूजन का आयोजन होगा। समाजसेवी गुरुचरण सिंह होरा को दिया गया आमंत्रण।
नानक सागर में होगा भव्य धार्मिक आयोजन
छत्तीसगढ़ के नानक सागर में 15 मार्च को होला मोहल्ला का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन नानक सागर गुरुद्वारा समिति द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम महासमुंद जिले के बसना नगर से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित गढ़फुलझर क्षेत्र में आयोजित होगा।
इस अवसर पर गुरुद्वारा निर्माण के लिए भूमिपूजन और अरदास का कार्यक्रम भी रखा गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
गुरुचरण सिंह होरा को दिया गया आमंत्रण
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सिख समाज के वरिष्ठ समाजसेवी, ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन और ग्रैंड न्यूज चैनल के प्रमुख गुरुचरण सिंह होरा को समिति के पदाधिकारियों ने रायपुर पहुंचकर आमंत्रित किया।
समिति के सदस्यों ने इस आयोजन के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए उनसे कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया।
कई समाजसेवी रहे मौजूद
इस अवसर पर पंजाब के करनाल से आए बाबा साहेब सिंह सहित कई समाजसेवी उपस्थित रहे। इसके अलावा रायपुर के दिलेर सिंह और रिंकू ओबेरॉय, सराईपाली के रोमी सलूजा, बसना के जसवंत सिंह सलूजा, मुखविंदर सिंह रंधावा, जितेन्द्र सिंह बंटी, जगपाल सिंह जटाल, हरपाल सिंह ओबेरॉय तथा सराईपाली के जोरावर सिंह सहित अन्य समाजसेवी भी मौजूद थे।
सभी ने मिलकर आयोजन की तैयारियों और समाज के सहयोग पर चर्चा की।
होला मोहल्ला का विशेष महत्व
इस अवसर पर गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि होला मोहल्ला सिख परंपरा, साहस और आध्यात्मिकता का प्रतीक पर्व है। यह पर्व समाज में एकता, सेवा और साहस का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि नानक सागर में गुरुद्वारा निर्माण के लिए होने वाला भूमिपूजन पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
समाज में एकता और सेवा का संदेश
गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में भाईचारे और सेवा की भावना मजबूत होती है। उन्होंने नानक सागर गुरुद्वारा समिति का आमंत्रण देने के लिए आभार जताया।
साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि गुरुद्वारा निर्माण और समाज सेवा के कार्यों में वे हर संभव सहयोग और सेवा के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।
मुख्यमंत्री के शामिल होने की संभावना
गुरुद्वारा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम में विष्णुदेव साय के भी शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम के दौरान गुरुवाणी, कीर्तन और अरदास का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि यह आयोजन धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा।

