कांकेर जिले के केशकाल घाट में जाम की समस्या लगातार बनी हुई है। 19 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ।
केशकाल घाट में जाम से लोग परेशान
छत्तीसगढ़ के केशकाल घाट में यातायात जाम की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। आए दिन यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
हालत यह है कि कई बार घंटों तक वाहन जाम में फंसे रहते हैं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर हो जाती है।
19 करोड़ खर्च के बाद भी समस्या जस की तस
जानकारी के अनुसार घाट में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करीब 19 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इस राशि से सड़क सुधार और अन्य आवश्यक कार्य किए गए थे।
हालांकि इतना खर्च होने के बावजूद जाम की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है।
संकरी सड़क और भारी वाहनों का दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि घाट क्षेत्र में सड़क संकरी होने और भारी वाहनों की आवाजाही अधिक होने के कारण जाम की स्थिति बनती है।
कई बार ट्रक और बड़े वाहन मोड़ों पर फंस जाते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
यात्रियों को झेलनी पड़ती है परेशानी
इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। खासकर लंबी दूरी की बसें, ट्रक और निजी वाहन अक्सर जाम में फंस जाते हैं।
यात्रियों का कहना है कि कई बार उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।
स्थानीय लोगों ने की समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि घाट मार्ग पर यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने और सड़क को और चौड़ा करने की आवश्यकता है।
इसके साथ ही भारी वाहनों के संचालन के लिए भी बेहतर व्यवस्था करने की जरूरत बताई जा रही है।
बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि केशकाल घाट जैसे संवेदनशील मार्गों पर आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली और बेहतर सड़क ढांचे की आवश्यकता है।
यदि उचित योजना बनाकर काम किया जाए तो जाम की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है और यात्रियों को राहत मिल सकती है।

