रायपुर के किसान भागीरथी ने आम और काजू के बाग में धान व सब्जियों की खेती का नया प्रयोग किया, बिना रासायनिक खाद के बढ़ाई पैदावार।
खेती में नया प्रयोग कर रहे किसान
छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के एक किसान ने खेती में नया प्रयोग कर मिसाल पेश की है। किसान भागीरथी ने अपने आम और काजू के बाग में धान और सब्जियों की खेती शुरू की है। इस प्रयोग से न केवल उनकी पैदावार बढ़ी है बल्कि खेती की लागत भी कम हुई है।
भागीरथी का यह प्रयोग आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। उनका कहना है कि यदि सही तरीके से खेती की जाए तो एक ही खेत से कई प्रकार की फसलें लेकर आय बढ़ाई जा सकती है।
आम और काजू के बाग में बहुफसली खेती
आमतौर पर आम और काजू के बागों में केवल फल उत्पादन पर ही ध्यान दिया जाता है। लेकिन भागीरथी ने खाली जमीन का बेहतर उपयोग करने के लिए बाग के बीच की जगह में धान और विभिन्न प्रकार की सब्जियां उगाने का फैसला किया।
इस तरीके से उन्होंने बहुफसली खेती की शुरुआत की। बाग के पेड़ों के बीच की जगह में धान और मौसमी सब्जियों की खेती करने से जमीन का पूरा उपयोग हो रहा है।
बिना रासायनिक खाद के खेती
किसान भागीरथी की खेती की सबसे खास बात यह है कि वह रासायनिक खाद का उपयोग नहीं करते। उन्होंने जैविक खेती को अपनाया है और प्राकृतिक तरीकों से फसलों की देखभाल कर रहे हैं।
वह गोबर खाद, जैविक खाद और प्राकृतिक कीटनाशकों का उपयोग करते हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है और फसल भी स्वस्थ होती है।
लागत कम, पैदावार ज्यादा
भागीरथी बताते हैं कि इस प्रयोग से खेती की लागत कम हो गई है क्योंकि रासायनिक खाद और महंगे कीटनाशकों पर खर्च नहीं करना पड़ता।
साथ ही एक ही खेत में कई फसलें होने से आय के अलग-अलग स्रोत भी बन गए हैं। धान, सब्जी और फल तीनों से उन्हें अच्छी आमदनी मिल रही है।
अन्य किसानों के लिए प्रेरणा
भागीरथी का यह प्रयोग आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बनता जा रहा है। कई किसान उनके खेत देखने आ रहे हैं और इस पद्धति को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बहुफसली और जैविक खेती से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
टिकाऊ खेती की ओर कदम
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य में टिकाऊ और प्राकृतिक खेती की दिशा में ऐसे प्रयोग बेहद महत्वपूर्ण हैं। इससे किसानों को बेहतर उत्पादन मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण भी संभव है।
रायपुर के किसान भागीरथी का यह प्रयास दिखाता है कि यदि किसान नए प्रयोग करने का साहस करें तो खेती को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

