रायपुर में टीचर्स एसोसिएशन ने विभागीय TET आयोजित करने का प्रस्ताव दिया। आयु सीमा में छूट, अनुभव को वेटेज और परीक्षा ऑफलाइन कराने की मांग रखी।
विभागीय TET के लिए DPI को सौंपा प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में टीचर्स एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सौंपा है। एसोसिएशन ने डायरेक्टर पब्लिक इंस्ट्रक्शन (DPI) को विभागीय टीईटी (TET) आयोजित करने का सुझाव दिया है।
एसोसिएशन का कहना है कि विभागीय टीईटी आयोजित होने से लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को स्थायी नियुक्ति और पदोन्नति का बेहतर अवसर मिल सकेगा। इसके साथ ही शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं का समाधान भी हो सकता है।
आयु सीमा में छूट देने की मांग
टीचर्स एसोसिएशन ने अपने प्रस्ताव में आयु सीमा में विशेष छूट देने की मांग भी की है। उनका कहना है कि कई शिक्षक लंबे समय से शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं में आयु सीमा के कारण उन्हें अवसर नहीं मिल पाता।
ऐसे में विभागीय टीईटी आयोजित करते समय अनुभवी शिक्षकों को आयु सीमा में छूट दी जानी चाहिए, ताकि वे भी परीक्षा में शामिल होकर अपनी योग्यता साबित कर सकें।
अनुभव को वेटेज देने का सुझाव
एसोसिएशन ने यह भी सुझाव दिया है कि विभागीय टीईटी में शिक्षकों के अनुभव को वेटेज दिया जाए। उनका मानना है कि कई शिक्षक वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
यदि उनके अनुभव को अंक या अतिरिक्त वेटेज के रूप में शामिल किया जाए तो इससे योग्य और अनुभवी शिक्षकों को उचित अवसर मिल सकेगा।
परीक्षा ऑफलाइन कराने की मांग
टीचर्स एसोसिएशन ने परीक्षा को ऑफलाइन मोड में आयोजित करने का सुझाव भी दिया है। उनका कहना है कि कई शिक्षकों को ऑनलाइन परीक्षा में तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
ऑफलाइन परीक्षा आयोजित होने से सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलेगा और परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सहज हो सकेगी।
शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की उम्मीद
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि विभागीय टीईटी आयोजित की जाती है तो इससे हजारों शिक्षकों को लाभ मिलेगा। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा विभाग इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करेगा और जल्द ही इस दिशा में निर्णय लिया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित होनी चाहिए। विभागीय टीईटी जैसी व्यवस्था से शिक्षकों को अपनी योग्यता साबित करने का अवसर मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता भी बेहतर हो सकती है।
रायपुर में टीचर्स एसोसिएशन द्वारा दिया गया यह प्रस्ताव फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस प्रस्ताव पर क्या निर्णय लेता है और शिक्षकों को इससे कितना लाभ मिल पाता है।

