केमिकल वाले रंग हो सकते हैं खतरनाक: एक्सपर्ट डॉ. दिनेश मिश्र की सलाह — आंखों में रंग चला जाए तो रगड़ें नहीं, धीरे-धीरे साफ करें

- Advertisement -
vastuguruji
Facebook
Twitter
LinkedIn
Pinterest
WhatsApp

रायपुर के डॉक्टर दिनेश मिश्र ने होली पर केमिकल रंगों से सावधान रहने की सलाह दी, आंखों में रंग जाए तो न रगड़ें, साफ पानी से धीरे धोने को कहा।

रायपुर। होली के त्योहार के दौरान रंगों के इस्तेमाल से त्वचा, आंखों और सांस से जुड़ी परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त रंग लोगों की सेहत के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी को लेकर रायपुर के वरिष्ठ चिकित्सक और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

डॉ. मिश्र का कहना है कि अगर आंखों में रंग चला जाए तो सबसे बड़ी गलती आंखों को जोर-जोर से रगड़ना होती है। ऐसा करने से आंखों की सतह को नुकसान पहुंच सकता है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।


केमिकल रंग क्यों बनते हैं खतरनाक

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में बिकने वाले कई रंगों में सीसा, तांबा, पारा और औद्योगिक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। ये रसायन त्वचा पर जलन, एलर्जी, चकत्ते और आंखों में गंभीर सूजन का कारण बन सकते हैं।

डॉ. दिनेश मिश्र बताते हैं कि—

  • केमिकल रंग आंखों की कॉर्निया पर असर डाल सकते हैं
  • जलन और तेज दर्द के साथ अस्थायी धुंधलापन हो सकता है
  • कुछ मामलों में आंखों में संक्रमण लंबे समय तक बना रह सकता है

आंखों में रंग चला जाए तो क्या करें

डॉ. मिश्र के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की आंख में रंग चला जाए तो घबराने की बजाय तुरंत सही तरीके से सफाई करनी चाहिए।

उनकी सलाह के मुताबिक—

  • आंखों को बिल्कुल न रगड़ें
  • साफ और ठंडे पानी से आंखों को धीरे-धीरे धोएं
  • आंखें खुली रखें और पानी को बहने दें
  • यदि जलन ज्यादा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

वे बताते हैं कि आंखों को रगड़ने से रंग के कण अंदर की सतह में चिपक सकते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।


बच्चों और बुजुर्गों को लेकर विशेष सावधानी जरूरी

होली के दौरान बच्चों और बुजुर्गों की आंखें और त्वचा अधिक संवेदनशील होती हैं। ऐसे में उन्हें केमिकल रंगों से दूर रखना बेहद जरूरी है।

डॉ. मिश्र का कहना है कि—

  • बच्चों को खेलने से पहले चश्मा या आंखों की सुरक्षा से जुड़ी सावधानी दी जानी चाहिए
  • बुजुर्गों में पहले से आंखों की समस्या हो तो रंगों से दूरी बेहतर रहती है

त्वचा पर रंग से होने वाली परेशानी

केमिकल युक्त रंग केवल आंखों ही नहीं, बल्कि त्वचा को भी नुकसान पहुंचाते हैं। त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे रंगों से—

  • खुजली और जलन
  • रैश और एलर्जी
  • चेहरे और गर्दन पर सूजन

जैसी समस्याएं आमतौर पर सामने आती हैं।

डॉ. मिश्र का कहना है कि आंखों के आसपास की त्वचा बेहद नाजुक होती है, इसलिए वहां पर रसायन युक्त रंग लगने से ज्यादा नुकसान हो सकता है।


सांस से जुड़ी दिक्कतों का भी खतरा

होली के दौरान हवा में उड़ते रंग सांस के जरिए शरीर में चले जाते हैं। इससे—

  • दमा के मरीजों को परेशानी
  • खांसी और सांस फूलना
  • गले में जलन

जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को पहले से सांस से जुड़ी बीमारी है, उन्हें रंगों से दूरी बनाए रखना चाहिए।


होली से पहले क्या करें

डॉ. दिनेश मिश्र लोगों को कुछ आसान सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं—

  • होली खेलने से पहले आंखों के आसपास हल्की क्रीम या नारियल तेल लगाएं
  • आंखों पर चश्मा पहनकर रंग खेलें
  • ज्यादा देर तक केमिकल रंगों के संपर्क में न रहें
  • रंग खेलने के तुरंत बाद चेहरा और आंखों के आसपास का हिस्सा साफ पानी से धो लें

प्राकृतिक रंगों को दें प्राथमिकता

विशेषज्ञों का कहना है कि आज बाजार में हर्बल और प्राकृतिक रंग भी उपलब्ध हैं। फूलों, हल्दी, चुकंदर और पालक जैसे प्राकृतिक स्रोतों से बने रंग सेहत के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं।

डॉ. मिश्र का सुझाव है कि परिवार और बच्चों के साथ होली खेलते समय प्राकृतिक रंगों का ही उपयोग किया जाना चाहिए।


परेशानी बढ़े तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

डॉ. दिनेश मिश्र ने साफ तौर पर कहा कि—

  • यदि आंखों में तेज जलन बनी रहे
  • धुंधला दिखने लगे
  • आंख लाल हो जाए या दर्द बढ़ जाए

तो बिना देरी किए डॉक्टर को दिखाना चाहिए। घरेलू उपायों के भरोसे गंभीर समस्या को नजरअंदाज करना आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है।


रायपुर में बढ़ते मामलों को लेकर चिंता

होली के आसपास हर साल रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में आंखों और त्वचा से जुड़ी शिकायतें बढ़ जाती हैं। अस्पतालों में जलन, एलर्जी और आंखों में सूजन के मामले सामने आते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग थोड़ी-सी सावधानी बरतें, तो इन समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है।


सुरक्षित होली ही असली खुशी

डॉ. दिनेश मिश्र का कहना है कि होली खुशियों का पर्व है, लेकिन लापरवाही त्योहार की खुशी को परेशानी में बदल सकती है। सही जानकारी और सतर्कता से लोग खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

Facebook
Twitter
LinkedIn
Pinterest
WhatsApp
Leave a Comment
- Advertisement -
Vastugurujivastuguruji

Recent News

Vastu Products

VastuGuruji Products
INDRA DEV 9″
INDRA DEV 9″
🛒 Read More Details
Power of Infinity
Power of Infinity
🛒 Read More Details
Vastu Chakra
Vastu Chakra 
🛒 Read More Details

शादियों का सीजन शुरू, सिलेंडर के लिए फूड विभाग को दूसरा निमंत्रण

रायपुर में शादी सीजन शुरू होते ही लोग भगवान के बाद खाद्य…

महतारी वंदन योजना में अव्यवस्था, धूप में परेशान महिलाएं

रायपुर में महतारी वंदन योजना के दौरान अव्यवस्था, राशन स्टॉक की कमी…

एलपीजी की जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, बुकिंग में आई भारी गिरावट

रायपुर में एलपीजी जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, अफवाह से मार्च में बुकिंग…