होली से पहले रायपुर समेत छत्तीसगढ़ में ट्रेन टिकट पर 600 से 1000 रुपये की अवैध वसूली, एजेंटों के भरोसे कन्फर्म टिकट का झांसा, यात्रियों की परेशानी बढ़ी।
रायपुर। होली से पहले यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच ट्रेन टिकट को लेकर अवैध वसूली का खेल एक बार फिर सामने आया है। यात्रियों का आरोप है कि कन्फर्म टिकट दिलाने के नाम पर कुछ निजी एजेंट 600 से 1000 रुपये तक अतिरिक्त पैसे वसूल रहे हैं। कई यात्रियों ने बताया कि टिकट बुकिंग के दौरान जब ऑनलाइन या काउंटर पर 50 से 100 तक वेटिंग दिखाई जा रही थी, तब एजेंटों ने भरोसा दिलाया कि “पैसा दो, टिकट कन्फर्म करा देंगे।”
यह मामला केवल रायपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर इसी तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं।
होली से पहले बढ़ी भीड़, टिकट का संकट
त्योहारी सीजन शुरू होते ही छत्तीसगढ़ से बाहर जाने वाली लगभग सभी प्रमुख ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों में कई दिनों पहले से वेटिंग लिस्ट 50 से 100 के पार पहुंच चुकी है।
इसी मौके का फायदा उठाकर कुछ एजेंट यात्रियों से खुलेआम अतिरिक्त राशि की मांग कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि एजेंट सीधे तौर पर कहते हैं कि सामान्य बुकिंग से टिकट मिलना मुश्किल है, लेकिन अगर अतिरिक्त पैसा दिया जाए तो “जुगाड़” से कन्फर्म टिकट मिल जाएगा।
600 से 1000 रुपये तक की मांग
यात्रियों के मुताबिक अलग-अलग ट्रेनों और गंतव्य के हिसाब से एजेंट 600 से लेकर 1000 रुपये तक की मांग कर रहे हैं। कई मामलों में यह रकम टिकट के मूल किराए के अतिरिक्त ली जा रही है।
रायपुर स्टेशन परिसर और उसके आसपास सक्रिय कुछ एजेंट यात्रियों को निशाना बनाते हैं, खासतौर पर बुजुर्ग, महिलाएं और पहली बार यात्रा करने वाले लोगों को। एजेंट पहले यह पुष्टि करते हैं कि ट्रेन में वेटिंग कितनी है और फिर भरोसा दिलाते हैं कि उनका टिकट कन्फर्म हो जाएगा।
“पैसा दो, कन्फर्म टिकट मिलेगा”
एक यात्री ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार के चार सदस्यों के लिए टिकट बुक कराने की कोशिश की थी, लेकिन वेटिंग 80 से ज्यादा थी। स्टेशन के बाहर मौजूद एक एजेंट ने कहा कि अगर प्रति टिकट 800 रुपये अतिरिक्त दिए जाएं, तो कन्फर्म टिकट मिल जाएगा।
यात्री ने बताया कि एजेंट ने यह भी कहा कि टिकट आरक्षण प्रणाली के भीतर “सेटिंग” के जरिए टिकट कन्फर्म करा दिया जाएगा।
अवैध एजेंटों का नेटवर्क सक्रिय
रेलवे नियमों के अनुसार, केवल अधिकृत एजेंटों को ही टिकट बुकिंग की अनुमति होती है, लेकिन हकीकत यह है कि स्टेशन परिसर और आसपास बड़ी संख्या में अवैध एजेंट सक्रिय हैं।
ये एजेंट यात्रियों को भ्रमित कर यह जताते हैं कि उनके पास विशेष कोटा या अंदरूनी व्यवस्था तक पहुंच है। जबकि वास्तव में यह पूरी तरह अवैध गतिविधि है।
यात्रियों की मजबूरी का उठाया जा रहा फायदा
त्योहार के समय अधिकांश लोग अपने घर पहुंचने की जल्दी में होते हैं। ऐसे में वेटिंग टिकट देखकर वे परेशान हो जाते हैं और एजेंटों की बातों में आ जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इसी मजबूरी का फायदा उठाकर एजेंट अवैध वसूली कर रहे हैं। कई यात्री यह भी नहीं जानते कि इस तरह से पैसे देकर टिकट बुक कराना उन्हें कानूनी परेशानी में भी डाल सकता है।
रेलवे की छवि पर सवाल
इस पूरे मामले से भारतीय रेलवे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन परिसर में खुलेआम एजेंट घूमते रहते हैं, फिर भी उन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती।
रेलवे प्रशासन समय-समय पर अवैध टिकट एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की बात करता है, लेकिन त्योहारों के मौके पर यह नेटवर्क फिर से सक्रिय हो जाता है।
ऑनलाइन सिस्टम के बावजूद क्यों फल-फूल रहे एजेंट
आज अधिकांश टिकट बुकिंग ऑनलाइन हो रही है। इसके बावजूद अवैध एजेंटों का सक्रिय रहना यह दर्शाता है कि यात्रियों को सही जानकारी और जागरूकता नहीं मिल पा रही है।
कई बार तकनीकी दिक्कतों, सर्वर स्लो होने या भुगतान अटकने जैसी समस्याओं के कारण यात्री खुद टिकट बुक नहीं कर पाते। इसी कमजोरी का फायदा एजेंट उठाते हैं और कहते हैं कि वे “तुरंत कन्फर्म टिकट” दिला देंगे।
रेलवे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
यात्रियों और सामाजिक संगठनों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि स्टेशन परिसर और आसपास सक्रिय अवैध एजेंटों पर विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही यात्रियों के लिए जागरूकता अभियान चलाने की भी जरूरत बताई जा रही है, ताकि लोग जान सकें कि:
- कोई भी व्यक्ति पैसे लेकर कन्फर्म टिकट दिलाने का दावा करता है, तो वह अवैध है।
- टिकट केवल अधिकृत माध्यम और अधिकृत एजेंट के जरिए ही बुक कराना सुरक्षित है।
- वेटिंग टिकट का कन्फर्म होना पूरी तरह सिस्टम आधारित प्रक्रिया है, न कि किसी व्यक्ति के हस्तक्षेप से।
यात्रियों को क्या सावधानी रखनी चाहिए
रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों को निम्न बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
- स्टेशन के बाहर या परिसर में मौजूद अनजान एजेंटों से टिकट न बुक कराएं।
- टिकट बुकिंग की रसीद और विवरण स्वयं जांचें।
- किसी भी तरह की अवैध मांग की जानकारी तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या स्टेशन प्रबंधन को दें।
होली से पहले बढ़ी परेशानी
होली से पहले घर जाने वाले यात्रियों के लिए यह स्थिति बेहद परेशानी भरी हो गई है। एक तरफ ट्रेनों में लंबी वेटिंग, दूसरी ओर एजेंटों की अवैध वसूली ने आम यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इस त्योहारी सीजन में अवैध टिकट एजेंटों के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाई कर पाता है।

