कुर्मी समाज के 80वें महाधिवेशन में मुख्यमंत्री ने 75 लाख रुपए की घोषणा की, पूर्व राज्यपाल ने संगठन और सेवा भावना को समाज की मजबूती बताया।
रायपुर। रायपुर में आयोजित कुर्मी समाज का 80वां महाधिवेशन उत्साह और सामाजिक एकजुटता के माहौल के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक नेता और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। महाधिवेशन में समाज के विकास, शिक्षा, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक सेवा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के सामुदायिक भवन और सामाजिक गतिविधियों के लिए 75 लाख रुपए की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की प्रगति शिक्षा, संगठन और सकारात्मक सोच से संभव है। उन्होंने कुर्मी समाज की सामाजिक भागीदारी और विकास में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी समाजों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा और कौशल विकास पर ध्यान देने की अपील की, ताकि समाज और प्रदेश दोनों आगे बढ़ सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में संगठन और सेवा भावना को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित होकर काम करता है, तब वह सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनता है। उन्होंने समाज के लोगों से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
महाधिवेशन के दौरान समाज के वरिष्ठजनों और प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित भी किया गया। विभिन्न सत्रों में समाज के इतिहास, सांस्कृतिक परंपराओं और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय के साथ समाज को आधुनिक शिक्षा और तकनीक को अपनाने की जरूरत है, ताकि नई पीढ़ी प्रतिस्पर्धी माहौल में आगे बढ़ सके।
आयोजकों के अनुसार, महाधिवेशन का उद्देश्य समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने सामाजिक जागरूकता और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी समाज में शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई 75 लाख रुपए की घोषणा को समाज के लोगों ने सकारात्मक पहल बताते हुए स्वागत किया। उनका कहना है कि इससे सामाजिक गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, पूर्व राज्यपाल के संदेश को भी समाज के संगठनात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के महाधिवेशन सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी पहचान और परंपराओं से जोड़ने का अवसर देते हैं। इससे समाज में नेतृत्व क्षमता विकसित होती है और सामूहिक निर्णय लेने की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।
महाधिवेशन के समापन अवसर पर समाज के प्रतिनिधियों ने भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों को और व्यापक रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और धन्यवाद ज्ञापन के साथ समाप्त हुआ।

