रायपुर सहित छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को अब पहले सात दिन तक इलाज के लिए 1.50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी।
रायपुर। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी राहत देने वाला निर्णय लागू किया है। अब किसी भी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को पहले सात दिन तक इलाज के लिए 1.50 लाख रुपए तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य दुर्घटना के बाद सबसे अहम समय में आर्थिक बाधा को दूर करना और पीड़ित को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराकर जान बचाना है।
कैशलेस और त्वरित इलाज को मिलेगा बढ़ावा
नई व्यवस्था के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करते ही इलाज की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। पीड़ित या उसके परिजनों को शुरुआती इलाज के लिए पैसों की व्यवस्था करने की मजबूरी नहीं रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था से निजी और सरकारी दोनों अस्पतालों में भर्ती मरीजों को तत्काल प्राथमिक उपचार और जरूरी जांच सुविधाएं मिल सकेंगी।
शुरुआती सात दिन इलाज के लिए सबसे अहम
चिकित्सकों का मानना है कि सड़क दुर्घटना के बाद पहले कुछ घंटे और दिन मरीज की जान बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले सात दिनों के इलाज को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया है।
सरकार का कहना है कि अधिकतर मामलों में गंभीर स्थिति का उपचार इसी अवधि में होता है, इसलिए आर्थिक सहयोग सीधे जीवन रक्षक साबित होगा।
किन मामलों में मिलेगा लाभ
इस व्यवस्था का लाभ उन सभी घायलों को मिलेगा—
- जो सड़क दुर्घटना में घायल हुए हों
- जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना आवश्यक हो
- जिनका इलाज दुर्घटना के कारण किया जा रहा हो
घायल व्यक्ति की पहचान और दुर्घटना की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों के माध्यम से की जाएगी।
निजी और सरकारी अस्पतालों को किया जाएगा शामिल
राज्य सरकार की योजना है कि अधिक से अधिक निजी अस्पतालों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जाए, ताकि पीड़ित को नजदीकी अस्पताल में ही इलाज मिल सके।
सरकारी अस्पतालों में पहले से उपलब्ध सुविधाओं के साथ अब इस आर्थिक सहयोग के माध्यम से उपचार की गुणवत्ता और पहुंच दोनों बेहतर होगी।
सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ रही संख्या बनी वजह
राज्य में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण और राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी दुर्घटनाओं के मामले सामने आ रहे हैं।
सरकार का मानना है कि कई बार केवल पैसों की कमी के कारण इलाज में देरी हो जाती है, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। नई व्यवस्था से इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
अस्पतालों को मिलेगी स्पष्ट गाइडलाइन
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इसमें इलाज की प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण और भुगतान व्यवस्था को लेकर स्पष्ट प्रावधान किए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य यह भी है कि किसी भी स्तर पर मरीज या उसके परिजनों को अनावश्यक परेशान न होना पड़े।
आम लोगों के लिए बड़ी राहत
इस फैसले से खासतौर पर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। दुर्घटना के बाद अचानक आने वाले भारी खर्च से लोगों को राहत मिलेगी और इलाज को लेकर असमंजस की स्थिति नहीं बनेगी।
ट्रॉमा केयर सिस्टम होगा मजबूत
इस पहल के जरिए राज्य में ट्रॉमा केयर सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा। अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ एंबुलेंस नेटवर्क और रेफरल सिस्टम को भी और प्रभावी किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में सड़क सुरक्षा और दुर्घटना के बाद इलाज व्यवस्था को लेकर और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

