रायपुर कलेक्टर ने स्कूलों में मध्यान भोजन चखा, बच्चों से संवाद किया और मत्स्य पालन व पशुपालन योजनाओं का निरीक्षण कर सुधार के निर्देश दिए।
रायपुर। जिले में शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर ने बुधवार को विभिन्न शासकीय स्कूलों और विभागीय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मध्यान भोजन चखा, बच्चों से पढ़ाई और सुविधाओं को लेकर बातचीत की तथा मत्स्य पालन केंद्र और पशुपालन विभाग की योजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया।
निरीक्षण का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना बताया गया।
1️⃣ स्कूलों में पहुंचकर कलेक्टर ने चखा मध्यान भोजन
कलेक्टर ने शासकीय विद्यालय में पहुंचकर बच्चों को परोसे जा रहे मध्यान भोजन की गुणवत्ता, स्वाद और साफ-सफाई की व्यवस्था का निरीक्षण किया।
उन्होंने भोजन की मात्रा, सब्जियों की गुणवत्ता और रसोईघर की स्वच्छता को भी बारीकी से देखा।
2️⃣ बच्चों से पढ़ाई और सुविधाओं को लेकर किए सवाल
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षा में जाकर बच्चों से सीधे संवाद किया।
उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, शिक्षकों की उपस्थिति, पुस्तक वितरण, गणवेश और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर सवाल पूछे।
बच्चों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए।
3️⃣ रसोईघर और भंडारण व्यवस्था की जांच
कलेक्टर ने विद्यालय परिसर में स्थित रसोईघर, अनाज भंडारण कक्ष और पानी की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भोजन निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह स्वच्छ और निर्धारित मानकों के अनुसार होनी चाहिए।
4️⃣ मत्स्य पालन केंद्र का निरीक्षण
इसके बाद कलेक्टर ने जिले के मत्स्य पालन केंद्र का दौरा किया।
उन्होंने मछली उत्पादन, तालाबों की स्थिति, बीज उत्पादन और प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी ली।
अधिकारियों से यह भी पूछा गया कि कितने हितग्राहियों को रोजगार से जोड़ा गया है और उनकी आय में कितना इजाफा हुआ है।
5️⃣ पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने पशु स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण, दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों को दी जा रही सहायता के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव तक पशुपालन योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए।
6️⃣ हितग्राहियों से सीधा संवाद
कलेक्टर ने मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़े हितग्राहियों से भी सीधे बातचीत की।
उन्होंने पूछा कि उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है या नहीं और किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं आ रही।
हितग्राहियों ने प्रशिक्षण, उपकरण और अनुदान से जुड़ी जानकारियां साझा कीं।
7️⃣ गुणवत्ता और निगरानी पर दिया विशेष जोर
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मध्यान भोजन योजना से लेकर ग्रामीण आजीविका योजनाओं तक, सभी कार्यक्रमों की नियमित निगरानी की जाए।
किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
8️⃣ योजनाओं को जनहित से जोड़ने पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य आम लोगों, खासकर बच्चों और ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और फील्ड स्तर पर निरंतर निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

