प्रोफेसर मनोज दयाल को रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय का नया कुलपति बनाया गया, हरियाणा के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में कार्यरत अनुभवी शिक्षाविद हैं।
रायपुर | छत्तीसगढ़ के पत्रकारिता शिक्षा जगत के लिए एक अहम निर्णय में राज्य सरकार ने प्रोफेसर मनोज दयाल को प्रदेश के प्रतिष्ठित मीडिया विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया है। वर्तमान में वे हरियाणा स्थित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शैक्षणिक दायित्व निभा रहे हैं। उनके लंबे प्रशासनिक और अकादमिक अनुभव को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रोफेसर मनोज दयाल अब कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय की कमान संभालेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने इस नियुक्ति को संस्थान के लिए नई दिशा देने वाला कदम बताया है।
1️⃣ अनुभव के आधार पर मिली अहम जिम्मेदारी
प्रोफेसर मनोज दयाल को मीडिया शिक्षा, प्रबंधन, शोध और उच्च शिक्षा प्रशासन का लंबा अनुभव है। वे देश के कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में अध्यापन, शोध निर्देशन और प्रशासनिक भूमिकाएं निभा चुके हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर शैक्षणिक सुधार, पाठ्यक्रम उन्नयन और नवाचार आधारित शिक्षा के लिए वे जाने जाते हैं।
2️⃣ हरियाणा में निभा रहे थे महत्वपूर्ण दायित्व
नियुक्ति से पहले प्रो. दयाल हरियाणा के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में सेवाएं दे रहे थे। वहां उन्होंने अकादमिक गुणवत्ता सुधार, डिजिटल लर्निंग, शोध गतिविधियों को प्रोत्साहन तथा फैकल्टी डेवलपमेंट जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।
3️⃣ कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय को मिलेगा नया नेतृत्व
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय प्रदेश का एकमात्र समर्पित मीडिया और जनसंचार विश्वविद्यालय है। यहां से हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी पत्रकारिता, जनसंपर्क, विज्ञापन, डिजिटल मीडिया, रेडियो और टीवी प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेकर निकलते हैं।
नई नियुक्ति से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक नवाचार, मीडिया टेक्नोलॉजी आधारित पाठ्यक्रम और इंडस्ट्री कनेक्ट कार्यक्रमों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
4️⃣ डिजिटल मीडिया और नई तकनीक पर रहेगा फोकस
सूत्रों के अनुसार प्रोफेसर मनोज दयाल डिजिटल जर्नलिज्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मीडिया टूल्स, डेटा जर्नलिज्म और मल्टीमीडिया स्किल डेवलपमेंट को पाठ्यक्रम में मजबूत करने के पक्षधर रहे हैं। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय में आधुनिक मीडिया लैब, ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म और स्टूडेंट स्टार्टअप इनक्यूबेशन जैसे प्रयासों को बढ़ावा मिल सकता है।
5️⃣ शोध और इंडस्ट्री से जुड़ाव को मिलेगी प्राथमिकता
नई कुलपति नियुक्ति के बाद विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों को बढ़ाने, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों से करार (MoU) करने और छात्रों को इंडस्ट्री एक्सपोजर दिलाने की दिशा में ठोस पहल की संभावना है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मीडिया शिक्षा में केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक का समावेश समय की मांग है।
6️⃣ विद्यार्थियों के लिए बढ़ेंगे नए अवसर
प्रोफेसर मनोज दयाल के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग, इंटर्नशिप नेटवर्क, मीडिया हाउस के साथ संयुक्त परियोजनाएं और प्लेसमेंट सपोर्ट सिस्टम को और मजबूत किया जा सकता है। इससे छात्रों को राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों में करियर के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
7️⃣ प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता पर जोर
नई कुलपति नियुक्ति से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे में भी सुधार की उम्मीद की जा रही है। अकादमिक कैलेंडर, परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया और डिजिटल रिकॉर्ड मैनेजमेंट को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
8️⃣ शिक्षा जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया
शिक्षाविदों, मीडिया प्रशिक्षकों और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने प्रोफेसर मनोज दयाल की नियुक्ति का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अनुभवी शिक्षाविद के रूप में उनका नेतृत्व विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक साबित हो सकता है।

