रायपुर में बिजली बिल बकाया रखने वालों पर सरकार सख्त, एडवांस राशि जमा किए बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगेंगे, वितरण कंपनी को कड़े निर्देश जारी किए गए।
1️⃣ बकाया बिल पर अब सख्ती, स्मार्ट मीटर से पहले एडवांस अनिवार्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं पर सख्त रुख अपनाया है। नए निर्देशों के अनुसार अब जिन उपभोक्ताओं पर बिजली बिल बकाया है, उनके यहां एडवांस राशि जमा किए बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जाएगा।
यह फैसला बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और लगातार बढ़ रहे बकाया की वसूली को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
2️⃣ वितरण कंपनी को सख्त निर्देश
बिजली विभाग और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड को साफ निर्देश दिए गए हैं कि जिन उपभोक्ताओं के बिल लंबे समय से बकाया हैं, उनसे पहले निर्धारित अग्रिम राशि जमा कराई जाए, उसके बाद ही स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन किया जाए।
अधिकारियों के मुताबिक कई इलाकों में लगातार भुगतान नहीं होने के कारण कंपनी पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
3️⃣ रायपुर में सबसे पहले लागू होगा सख्त नियम
राजधानी रायपुर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य पहले से ही तेज गति से चल रहा है। अब नई व्यवस्था के तहत जिन उपभोक्ताओं पर बकाया है, उनके घर या प्रतिष्ठान में मीटर लगाने से पहले रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
यदि उपभोक्ता का बिल बकाया पाया गया, तो उसे निर्धारित एडवांस राशि जमा करनी होगी।
4️⃣ बकाया वसूली के लिए सरकार की नई रणनीति
सरकार की मंशा है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था के जरिए न केवल बिजली खपत पर निगरानी रखी जाए, बल्कि समय पर भुगतान की आदत भी विकसित हो।
बिजली विभाग का मानना है कि स्मार्ट मीटर से रियल टाइम बिलिंग, प्रीपेड जैसी सुविधाएं संभव होंगी और इससे बकाया की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकेगी।
5️⃣ घरेलू और व्यावसायिक दोनों उपभोक्ताओं पर लागू
नई व्यवस्था घरेलू, व्यावसायिक और छोटे उद्योग उपभोक्ताओं सभी पर लागू होगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बकाया की राशि कम हो या ज्यादा, यदि भुगतान लंबित है तो बिना अग्रिम जमा किए स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जाएगा।
इससे उन उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ेगा, जो लंबे समय से बिल भुगतान को टालते आ रहे हैं।
6️⃣ उपभोक्ताओं की चिंता भी सामने आई
रायपुर के कई इलाकों में उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से ही महंगे बिजली बिलों के बीच एडवांस राशि जमा करना उनके लिए आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा।
कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी कहा कि पहले बकाया सुधार योजना या किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जानी चाहिए।
7️⃣ अधिकारियों का पक्ष – व्यवस्था सुधारने जरूरी
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर परियोजना राज्य की ऊर्जा व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
यदि बकाया उपभोक्ताओं को बिना किसी शर्त के स्मार्ट मीटर दे दिया गया, तो भुगतान अनुशासन और कमजोर हो जाएगा।
इसी वजह से एडवांस जमा करने की शर्त को अनिवार्य बनाया गया है।
8️⃣ आने वाले दिनों में और सख्ती के संकेत
सरकारी संकेतों के मुताबिक आने वाले समय में बिजली बकाया को लेकर और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
डिजिटल बिलिंग, प्रीपेड मीटर और ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा देकर बिजली वितरण प्रणाली को पारदर्शी और टिकाऊ बनाने की तैयारी की जा रही है।
सरकार का साफ संदेश है कि समय पर बिजली बिल भुगतान अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता होगी।

