रायपुर के मौदहापारा संडे बाजार में अब केवल स्थानीय फेरीवालों को ID दिखाकर दुकान लगाने की अनुमति मिलेगी, बाहर से आने वाले व्यापारियों पर पूरी तरह रोक रहेगी।
रायपुर। राजधानी रायपुर के व्यस्त इलाके मौदहापारा में लगने वाले संडे बाजार को लेकर नगर प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब संडे बाजार में दुकान या ठेला लगाने के लिए फेरीवालों को अपनी पहचान पत्र (ID) दिखाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही बाजार में केवल स्थानीय फेरीवालों को ही अनुमति दी जाएगी, जबकि बाहर से आने वाले व्यापारियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
यह आदेश नगर निगम रायपुर द्वारा महापौर के निर्देश पर लागू किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्थानीय फेरीवालों को संरक्षण देना, अव्यवस्थित भीड़ को नियंत्रित करना और क्षेत्र में बढ़ती शिकायतों पर रोक लगाना है।
स्थानीय फेरीवालों को मिलेगा प्राथमिक अधिकार
नगर निगम के अनुसार मौदहापारा संडे बाजार में बड़ी संख्या में बाहरी व्यापारी आकर दुकानें लगाने लगे थे, जिससे स्थानीय छोटे फेरीवालों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा था। कई बार यह भी शिकायत सामने आई थी कि बाहर से आए लोग अधिक जगह घेर लेते हैं और अव्यवस्थित तरीके से दुकानें लगाकर रास्ता बाधित करते हैं।
इसी को देखते हुए महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब बाजार में केवल वही फेरीवाले दुकान लगा सकेंगे, जो मौदहापारा या आसपास के स्थानीय निवासी हों और जिनके पास वैध पहचान पत्र उपलब्ध हो।
ID दिखाना हुआ अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत संडे बाजार में दुकान लगाने से पहले संबंधित फेरीवाले को अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी या नगर निगम द्वारा जारी किसी वैध दस्तावेज की प्रति दिखानी होगी। नगर निगम की टीम मौके पर जाकर जांच करेगी और बिना पहचान पत्र वाले या बाहरी क्षेत्रों से आए लोगों को दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, पहली बार नियम तोड़ने पर दुकान हटाई जाएगी और बार-बार उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
बाहरी व्यापारियों पर पूरी तरह रोक
मौदहापारा संडे बाजार वर्षों से क्षेत्र के लोगों के लिए सस्ते सामान का बड़ा केंद्र रहा है। लेकिन हाल के महीनों में दूसरे इलाकों और बाहर से आने वाले व्यापारियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी। इससे न केवल बाजार में भीड़ बढ़ी, बल्कि स्थानीय लोगों के रोजगार पर भी असर पड़ा।
अब आदेश के बाद साफ कर दिया गया है कि मौदहापारा में संडे बाजार लगाने के लिए स्थानीय होना अनिवार्य शर्त होगी। बाहर से आने वाले फेरीवालों को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी।
भीड़ और अव्यवस्था पर लगाम लगाने की कोशिश
नगर निगम का मानना है कि बाहरी व्यापारियों के कारण बाजार का आकार अनियंत्रित रूप से बढ़ गया था। कई जगहों पर सड़क तक दुकानें लगने लगी थीं, जिससे यातायात बाधित होता था और पैदल चलने वालों को परेशानी होती थी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद बाजार की सीमा तय की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ठेले और दुकानें निर्धारित स्थानों पर ही लगें।
स्थानीय व्यापारियों में खुशी
स्थानीय फेरीवालों ने महापौर के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बाहरी व्यापारियों की वजह से उन्हें पर्याप्त ग्राहक नहीं मिल पा रहे थे और कई बार उन्हें पीछे की जगहों पर दुकान लगानी पड़ती थी।
स्थानीय दुकानदारों का मानना है कि अब उन्हें बराबरी का अवसर मिलेगा और उनकी आमदनी में भी सुधार होगा।
नागरिकों की शिकायतों के बाद हुआ फैसला
नगर निगम को मौदहापारा क्षेत्र से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि संडे बाजार के कारण रास्ते जाम रहते हैं, पार्किंग की समस्या होती है और कई बार आपात स्थिति में वाहन निकलना मुश्किल हो जाता है।
इन्हीं शिकायतों को आधार बनाकर महापौर ने बाजार व्यवस्था में सुधार के लिए पहचान पत्र आधारित प्रवेश व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है।
निगरानी के लिए तैनात होगी टीम
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर रविवार संडे बाजार के दौरान निरीक्षण दल तैनात रहेगा। यह टीम यह देखेगी कि—
- केवल स्थानीय फेरीवाले ही दुकान लगा रहे हों
- सभी के पास वैध पहचान पत्र हो
- तय सीमा से अधिक जगह पर कब्जा न किया गया हो
- सड़क और फुटपाथ बाधित न हों
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य में अन्य बाजारों में भी लागू हो सकता है मॉडल
नगर निगम सूत्रों के अनुसार यदि मौदहापारा संडे बाजार में यह व्यवस्था सफल रहती है, तो आने वाले समय में शहर के अन्य साप्ताहिक बाजारों में भी इसी तरह की पहचान आधारित अनुमति प्रणाली लागू की जा सकती है।
प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल अवैध और अनियंत्रित बाजारों पर रोक लगेगी, बल्कि वास्तविक जरूरतमंद स्थानीय फेरीवालों को भी स्थायी लाभ मिलेगा।

