रायपुर के रांवाभाठा में नवनिर्मित ऐतिहासिक गुरुद्वारे का एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने उद्घाटन किया, गुरमत संगीत विद्यालय भी शुरू हुआ।
रायपुर। सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी एक दिवसीय प्रवास पर रायपुर पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने शहर के बिलासपुर रोड स्थित रांवाभाठा क्षेत्र में नवनिर्मित ऐतिहासिक गुरुद्वारे का विधिवत एवं भव्य उद्घाटन किया।
इससे पूर्व शहर के प्रतिष्ठित होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल में छत्तीसगढ़ के विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटियों और सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में सिख समाज की गतिविधियों, सामाजिक सहभागिता तथा भावी योजनाओं पर चर्चा की गई।

बैठक के पश्चात वे देवेंद्र नगर स्थित नमस्ते चौक पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा एवं स्थानीय सिख संगत से मुलाकात की।
रांवाभाठा में ऐतिहासिक गुरुद्वारे का लोकार्पण
इसके बाद बिलासपुर रोड, रांवाभाठा स्थित रांवाभाठा गुरुद्वारा का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारे में बड़ी संख्या में सिख समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह के साथ ही एसजीपीसी अमृतसर के मार्गदर्शन में गुरमत संगीत विद्यालय का भी शुभारंभ किया गया, जहां बच्चों को नि:शुल्क गुरमत संगीत की शिक्षा प्रदान की जाएगी। खास बात यह है कि इसमें सभी समाजों के बच्चे भाग ले सकेंगे।
ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा ने दी बधाई
कार्यक्रम में विशेष रूप से गुरुचरण सिंह होरा उपस्थित रहे। वे ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन एवं छत्तीसगढ़ टेनिस संघ के महासचिव भी हैं।
उन्होंने गुरुद्वारे के नए स्वरूप के लिए पूरी संगत एवं आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि यह गुरुद्वारा आने वाली पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मार्गदर्शन का केंद्र बनेगा।
समाजसेवी जगजीत सिंह खनूजा की भूमिका की सराहना
इस अवसर पर गुरुचरण सिंह होरा ने समाजसेवी जगजीत सिंह खनूजा की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री खनूजा लगातार सेवा कार्यों में सक्रिय रहते हैं और छत्तीसगढ़ में विभिन्न गुरुद्वारों एवं भवन निर्माण कार्यों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे के जीर्णोद्धार एवं नव निर्माण में श्री खनूजा ने समाज को संगठित कर न केवल आर्थिक एवं प्रबंधन सहयोग दिया, बल्कि पूरे प्रकल्प को नई दिशा भी प्रदान की। खास बात यह रही कि वे अपने योगदान को प्रचार से दूर रखते हुए निस्वार्थ सेवा करते हैं।
गुरु नानक देव जी के नाम से निर्मित गुरुद्वारा
उद्घाटन समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह गुरुद्वारा सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के नाम पर निर्मित किया गया है।
इस गुरुद्वारे से संगत को समानता, सेवा, भाईचारे और मानवता के मूल सिद्धांतों को आत्मसात करने की प्रेरणा मिलेगी।
वक्ताओं ने कहा कि गुरुद्वारा केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करने का केंद्र होता है।
गुरमत समागम में कीर्तन और गुरु इतिहास का वाचन
उद्घाटन समारोह के अवसर पर भव्य गुरमत समागम का आयोजन किया गया। दरबार साहिब के रागी जत्थों द्वारा शबद-कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को निहाल किया गया।
श्री दरबार साहिब के हजूरी रागी भाई स्वरूप सिंह ने कीर्तन प्रस्तुत किया, जबकि भाई गुरसेवक जीत सिंह के ढाढ़ी जत्थे द्वारा गुरु इतिहास का भावपूर्ण वाचन किया गया।
कार्यक्रम के उपरांत संगत के लिए गुरु का लंगर आयोजित किया गया।
गुरमत संगीत विद्यालय में मिलेगा नि:शुल्क प्रशिक्षण
गुरुद्वारे के साथ प्रारंभ किए गए गुरमत संगीत विद्यालय में बच्चों को निःशुल्क गुरबाणी कीर्तन, राग विद्या और संगीत का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आयोजन समिति ने स्पष्ट किया कि यह विद्यालय सभी वर्गों और समाजों के बच्चों के लिए खुला रहेगा।
2004 में बना था गुरुद्वारा, अब मिला भव्य नया स्वरूप
जानकारी के अनुसार यह गुरुद्वारा वर्ष 2004 में निर्मित हुआ था, लेकिन समय के साथ भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया था। इसके बाद व्यापक स्तर पर नवीनीकरण कराया गया।
नवीनीकरण के अंतर्गत—
- दरबार हॉल में नई पालकी साहिब की स्थापना
- संपूर्ण इंटीरियर का नवीनीकरण
- बेल्जियम से मंगाई गई लगभग चार लाख रुपये मूल्य की कालीन
- भवन का नया रंग-रोगन
- पंजाब से मंगवाया गया स्टील का खंडा
- 100 फीट लंबा एवं 40 फीट चौड़ा भव्य लंगर भवन
- जरूरतमंद संगत के लिए 8 कमरों की सराय
का निर्माण किया गया है।
बड़ी संख्या में गणमान्यजन रहे उपस्थित
उद्घाटन समारोह में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, पूर्व विधायक गुरुमुख सिंह होरा, सिख फोरम के अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न गुरुद्वारों के अध्यक्ष, सचिव एवं सिख समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

