छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र 23 फरवरी से, 15 बैठकें होंगी, 24 को बजट पेश होगा, इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास, रोजगार और ग्रामीण-शहरी परियोजनाओं पर रहेगा विशेष फोकस।
रायपुर | प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माने जा रहे आगामी सत्र की औपचारिक घोषणा हो गई है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से प्रारंभ होगा, जिसमें कुल 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सत्र के दूसरे दिन यानी 24 फरवरी को राज्य सरकार अपना वार्षिक बजट प्रस्तुत करेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इस बार का बजट मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे के विकास, शहरी–ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और रोजगार सृजन पर केंद्रित रह सकता है।
15 बैठकों में उठेंगे कई अहम मुद्दे
विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार सत्र के दौरान कुल 15 बैठकें प्रस्तावित की गई हैं। इन बैठकों में—
- बजट पर सामान्य चर्चा
- विभिन्न विभागों के अनुदान मांगों पर बहस
- प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण सूचनाएं
- शासकीय विधेयकों का प्रस्तुतीकरण
जैसे महत्वपूर्ण विधायी कार्य संपन्न किए जाएंगे।
इस सत्र में प्रदेश से जुड़े विकास, कानून-व्यवस्था, किसानों, युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी तीखी बहस के आसार हैं।
24 फरवरी को पेश होगा राज्य का बजट
वित्त विभाग की ओर से तैयार किया गया वर्ष 2026-27 का बजट 24 फरवरी को सदन के पटल पर रखा जाएगा। यह बजट मौजूदा सरकार के लिए खास माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए आने वाले वर्षों की विकास प्राथमिकताओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
सूत्रों के मुताबिक इस बजट में—
- सड़क और पुल निर्माण
- औद्योगिक अधोसंरचना
- नई शहरी परियोजनाएं
- ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी
- सिंचाई और जल संसाधन
पर विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट रहेगा केंद्र में
सरकार की प्राथमिकता इस बार बड़े पैमाने पर अधोसंरचना विकास को गति देने की बताई जा रही है। खासतौर पर राजधानी रायपुर सहित प्रमुख शहरों में—
- स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम
- सड़क चौड़ीकरण
- नए फ्लाईओवर
- शहरी परिवहन नेटवर्क
को मजबूत करने के लिए बजटीय प्रावधान संभव हैं।
साथ ही दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
ग्रामीण विकास पर भी रह सकता है जोर
सूत्रों का कहना है कि इस बार के बजट में केवल शहरी विकास ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अधोसंरचना को भी समान महत्व दिया जाएगा। संभावित रूप से—
- ग्रामीण सड़कों का विस्तार
- जल जीवन मिशन से जुड़े कार्य
- ग्राम पंचायत स्तर पर आधारभूत सुविधाएं
- स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने वाली योजनाएं
जैसे प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं।
विधानसभा में गरमाने की उम्मीद
सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की जा रही है। संभावना है कि—
- महंगाई
- बेरोजगारी
- कानून व्यवस्था
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास
जैसे विषयों पर सदन में तीखी बहस देखने को मिलेगी।
वहीं सत्ता पक्ष सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को मजबूती से रखने की रणनीति में जुटा है।
विधायी कार्यों के साथ नीतिगत फैसले भी संभव
विधानसभा सत्र के दौरान कुछ नए विधेयकों के पेश किए जाने की भी संभावना है। इसके अलावा, विभिन्न विभागों से जुड़े नियमों और नीतियों में संशोधन से संबंधित प्रस्ताव भी सदन में लाए जा सकते हैं।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुधारों को भी इस सत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है।
प्रदेश की आर्थिक दिशा तय करेगा यह बजट
वर्ष 2026-27 का बजट केवल वार्षिक आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए राज्य की आर्थिक दिशा और विकास मॉडल को तय करने वाला माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस बजट से यह स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार—
- रोजगार सृजन को किस तरह प्राथमिकता देती है,
- निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए कौन-सी नई पहल करती है,
- और सामाजिक योजनाओं व विकास परियोजनाओं के बीच किस तरह संतुलन बनाती है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारी
रायपुर में विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है। विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में—
- अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती,
- ट्रैफिक डायवर्जन,
- प्रवेश पास व्यवस्था
जैसे प्रबंध किए जाएंगे, ताकि सत्र का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
राजनीतिक हलकों की निगाहें टिकीं बजट पर
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस सत्र में पेश होने वाला बजट सरकार की विकास प्राथमिकताओं के साथ-साथ आगामी राजनीतिक रणनीति का संकेत भी देगा। खासतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट पर केंद्रित बजट को राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
प्रदेशभर की जनता, उद्योग जगत और निवेशकों की नजरें अब 24 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर टिकी हुई हैं।

