रायपुर में आबकारी भवन आगजनी के विरोध में यूथ-कांग्रेस का प्रदर्शन, ऑडिट से पहले अहम फाइलें जलने पर भ्रष्टाचार और वेतन घोटाले की जांच की मांग।
रायपुर। राजधानी रायपुर में स्थित आबकारी विभाग के भवन में हुई संदिग्ध आगजनी की घटना को लेकर Indian Youth Congress ने जोरदार प्रदर्शन किया। यूथ-कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ऑडिट से ठीक पहले विभाग से जुड़ी कई अहम फाइलें जल गईं, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने इसे केवल हादसा नहीं बल्कि साक्ष्य मिटाने की कोशिश बताते हुए भ्रष्टाचार और कथित वेतन घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
ऑडिट से पहले आग, सवालों के घेरे में विभाग
यूथ-कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आबकारी विभाग में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में ऑडिट से ठीक पहले आग लगना संयोग नहीं हो सकता।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने दावा किया कि जिन फाइलों में ठेके, लाइसेंस, भुगतान और कर्मचारियों के वेतन से जुड़ी जानकारी थी, वही दस्तावेज इस आगजनी में नष्ट हुए हैं।
भ्रष्टाचार और वेतन घोटाले का आरोप
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि विभाग में कुछ वर्षों से कर्मचारियों के वेतन भुगतान, पदस्थापना और अतिरिक्त भत्तों में अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रही हैं।
यूथ-कांग्रेस का आरोप है कि इन मामलों की जांच से पहले ही दस्तावेजों का जल जाना पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि—
- आगजनी की घटना की न्यायिक या उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
- जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए
- डिजिटल रिकॉर्ड और बैक-अप डेटा की फॉरेंसिक जांच हो
- भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए
यूथ-कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
कार्यकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि जिस भवन में संवेदनशील सरकारी दस्तावेज रखे जाते हैं, वहां अग्नि सुरक्षा और निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं थी।
उनका कहना है कि यदि समय रहते फायर सेफ्टी सिस्टम और सीसीटीवी की प्रभावी निगरानी होती, तो फाइलों को नुकसान से बचाया जा सकता था।
मौके पर पहुंची पुलिस, स्थिति संभाली
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में यूथ-कांग्रेस कार्यकर्ता आबकारी भवन के बाहर एकत्र हो गए। नारेबाजी और ज्ञापन सौंपने के दौरान कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया और स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया गया।
पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
यूथ-कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की कि आबकारी विभाग के सभी पुराने और नए मामलों का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए और जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
नेताओं का कहना है कि आबकारी जैसे राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग में इस तरह की घटनाएं प्रदेश की प्रशासनिक साख को नुकसान पहुंचाती हैं।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है कि आगजनी की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जाए।
यूथ-कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा है कि यदि दोषियों को बचाने की कोशिश हुई, तो वे सड़क से सदन तक आंदोलन करेंगे।

