रायपुर के गोदड़ीवाला धाम में संत बाबा गेलाराम साहेब जन्मोत्सव पर 60 बटुकों का जनेऊ संस्कार, सामूहिक विवाह और नवदंपतियों को उपहार।
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित गोदड़ीवाला धाम में संत बाबा गेलाराम साहेब के जन्मोत्सव के अवसर पर धार्मिक एवं सामाजिक समरसता का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर 60 बटुकों का सामूहिक जनेऊ संस्कार संपन्न हुआ, वहीं जरूरतमंद परिवारों के लिए सामूहिक विवाह कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, संत-महात्मा और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पूरे परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और पूजा-अर्चना के साथ आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। जनेऊ संस्कार के दौरान बटुकों को विधिवत गुरुजन द्वारा वैदिक परंपरा के अनुसार दीक्षा दी गई।
सामूहिक जनेऊ संस्कार में दिखी पारंपरिक गरिमा
गोदड़ीवाला धाम परिसर में सुबह से ही बटुकों और उनके परिजनों का आगमन शुरू हो गया था। वैदिक आचार्यों के सान्निध्य में विधि-विधान से संस्कार संपन्न कराया गया। संस्कार के दौरान मंत्रोच्चार, अग्नि पूजन और आशीर्वचन की परंपरा का पालन किया गया।
आयोजकों ने बताया कि जनेऊ संस्कार का उद्देश्य नई पीढ़ी को संस्कार, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना है। कार्यक्रम में शामिल बच्चों के माता-पिता ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
जन्मोत्सव पर सामूहिक विवाह का आयोजन
संत बाबा गेलाराम साहेब के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में समाजसेवा की भावना के साथ सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर कई नवदंपतियों का विधिवत वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह संपन्न कराया गया।
विवाह समारोह में दूल्हा-दुल्हन के लिए विशेष मंडप सजाए गए थे। मंत्रोच्चार और सात फेरे के साथ विवाह संपन्न होने के बाद सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया गया।
नवदंपतियों को दिए गए उपहार
आयोजन समिति की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक उपहार भी प्रदान किए गए। इनमें घरेलू उपयोग की सामग्री, वस्त्र, बर्तन और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल रहीं।
आयोजकों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विवाह को सहज और सम्मानजनक बनाना है, ताकि सामाजिक दबाव और आर्थिक बोझ से उन्हें राहत मिल सके।
सेवा, संस्कार और समर्पण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने संत बाबा गेलाराम साहेब के जीवन और उनके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बाबा साहेब का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता के लिए समर्पित रहा।
वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी में संस्कारों की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
गोदड़ीवाला धाम में आयोजित इस कार्यक्रम में रायपुर सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में अनुशासन, सेवा भावना और धार्मिक मर्यादा का विशेष ध्यान रखा गया।
समाज के लिए प्रेरणादायी पहल
आयोजन समिति ने बताया कि आने वाले वर्षों में भी इसी प्रकार जनेऊ संस्कार, विवाह और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे। समिति का उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग तक संस्कार और सहयोग पहुंचाना है।
श्रद्धालुओं और नागरिकों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक दायित्व निभाने का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

